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मेहर क्या है? मुस्लिम पत्नी का मेहर का अधिकार और पूरा कानून कहानी के माध्यम से

सरकारी कर्मचारी पर हमला, criminal force, सजा, जमानत, cognizable और non-bailable स्थिति तथा Supreme Court के महत्वपूर्ण case law।

IPC की धारा 353 से BNS की धारा 132 तक: सरकारी कर्मचारी पर हमला करने पर कौन-सा कानून लगेगा? क्या किसी पुलिसकर्मी, तहसील कर्मचारी, राजस्व अधिकारी, नगर निगम कर्मचारी या दूसरे लोक सेवक को सरकारी काम करने से रोकने पर BNS की धारा 132 लग सकती है? क्या केवल बहस करने या गाली देने से यह धारा लग जाती है? क्या धक्का देना, हाथ पकड़ना, रास्ता रोकना या कागज छीनना भी अपराध हो सकता है? इन सवालों का जवाब समझने के लिए पहले एक छोटी-सी कहानी समझिए। एक छोटी कहानी से समझिए BNS धारा 132 मान लीजिए कि रामलाल की दुकान के सामने नगर निगम की टीम अतिक्रमण की कार्रवाई करने पहुंचती है। नगर निगम का कर्मचारी अपना सरकारी काम कर रहा है। रामलाल अधिकारी से बहस करने लगता है। रामलाल कहता है— “आप गलत कर रहे हैं, मैं इसकी शिकायत करूंगा।” इतना कहना अपने-आप में BNS धारा 132 का अपराध नहीं बन जाता। लेकिन स्थिति तब बदलती है जब रामलाल अधिकारी को धक्का देता है, उसका हाथ पकड़कर पीछे खींचता है, उसके शरीर पर बल प्रयोग करता है या ऐसा हमला/आपराधिक बल प्रयोग करता है जिसका उद्देश्य अधिकारी को उसकी सरकारी ड्यूटी करने से रोकना या डराना है। ऐसी...

मध्यस्थता के बाद पत्नी साथ न आए तो क्या करें? | कानूनी उपाय

मध्यस्थता में समझौते के बाद पत्नी साथ आने से मना करे तो क्या करें? झूठी शिकायत और कानूनी कार्रवाई से बचने के उपाय मध्यस्थता के बाद पत्नी साथ न आए तो क्या करें पत्नी साथ आने से मना करे तो क्या करें झूठी पुलिस शिकायत से कैसे बचें पत्नी के परिवार के खिलाफ शिकायत matrimonial dispute legal protection झूठे आरोप से बचाव पति के कानूनी अधिकार mediation settlement के बाद पत्नी वैवाहिक विवाद में कानूनी सुरक्षा मध्यस्थता में समझौता हुआ, लेकिन पत्नी साथ आने से मना कर दे तो क्या होगा? वैवाहिक विवाद में कई बार पति-पत्नी के बीच मामला न्यायालय, परिवार परामर्श केंद्र या mediation तक पहुंच जाता है। कई बैठकों के बाद दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हो सकते हैं कि— “अब विवाद समाप्त करके पति-पत्नी साथ रहेंगे।” लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब समझौते के बाद एक पक्ष कहता है— “मैं अब साथ नहीं रहूंगी।” इसके बाद यदि दूसरे पक्ष के परिवार द्वारा यह कहा जाने लगे कि— “पति अपनी पत्नी को लेने नहीं आ रहा।” या पुलिस में घटनाओं का अलग विवरण दिया जाने लगे, तो स्थिति और जटिल हो सकती है। ऐसे मामले में पति या उसके परिवार को भावनाओं ...

दहेज मृत्यु क्या है? BNS Section 80, सजा, सबूत और सुप्रीम कोर्ट के फैसले

दहेज मृत्यु क्या है? BNS धारा 80 के तहत सजा, आवश्यक तत्व, साक्ष्य और सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले दहेज मृत्यु (Dowry Death) क्या है? विवाह के बाद किसी महिला की मृत्यु असामान्य परिस्थितियों में हो और मृत्यु से पहले उसे दहेज की मांग को लेकर पति या पति के किसी रिश्तेदार द्वारा क्रूरता या उत्पीड़न का सामना करना पड़ा हो, तो कानून की निर्धारित शर्तें पूरी होने पर वह मामला दहेज मृत्यु के अपराध के अंतर्गत आ सकता है। पुराने भारतीय दण्ड संहिता (IPC) में दहेज मृत्यु का प्रावधान धारा 304-B में था। अब भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) के लागू होने के बाद दहेज मृत्यु का प्रावधान धारा 80 में है। वहीं दहेज मृत्यु से संबंधित वैधानिक presumption अब भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (Bharatiya Sakshya Adhiniyam) की धारा 118 में है। महत्वपूर्ण:  पुराने मामलों में IPC की धारा 304-B और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 113-B का उल्लेख मिल सकता है। नए कानून के संदर्भ में इनके वर्तमान प्रावधानों को BNS धारा 80 और Bharatiya Sakshya Adhiniyam धारा 118 के साथ समझना चाहिए। दहेज मृत्यु की कानूनी परिभाषा क्य...

शादी खत्म करने के लिए दबाव और धमकी: BNS 2023 में पति क्या करे? जानिए धाराएं और कानूनी उपाय

शादी के बाद पत्नी मायके चली गई और परिवार ने कहा “हिसाब-किताब करो, वरना दिक्कत होगी” — BNS 2023 में पति के अधिकार और कानूनी सुरक्षा शादी के बाद पत्नी मायके चली जाए और उसके परिवार द्वारा पैसे देकर “हिसाब-किताब” करने का दबाव बनाया जाए तो पति क्या करे? जानिए BNS 2023 की धारा 351, 308, 248, पुलिस दबाव, FIR, BNSS प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले।              पति को धमकी, हिसाब-किताब के लिए दबाव, पत्नी के परिवार की धमकी, BNS 351, BNS 308, Criminal Intimidation, Extortion BNS, पुलिस का दबाव, वैवाहिक विवाद, पति के कानूनी अधिकार, BNSS 173, पुलिस शिकायत, अग्रिम जमानत शादी के कुछ महीने बाद पत्नी मायके चली गई, फिर शुरू हुआ “हिसाब-किताब” का दबाव मान लीजिए अमित की शादी को कुछ ही महीने हुए हैं। शादी के बाद कुछ समय तक पति-पत्नी सामान्य रूप से साथ रहते हैं। बाद में दोनों के बीच विवाद शुरू हो जाता है। एक दिन विवाद बढ़ता है और पत्नी पुलिस को फोन करती है। उसके परिवार वाले आते हैं और पत्नी को अपने साथ मायके ले जाते हैं। अमित को उम्मीद होती है कि कुछ दिनों बाद...