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Showing posts from April, 2024

कानूनी मामलों में चिकित्सा साक्ष्य की क्या भूमिका होती है?What role does medical evidence play in legal cases?

अग्रिम जमानत याचिका का क्या अर्थ होता है ? What is the meaning of anticipatory bail petition?

जब कोई व्यक्ति किसी अपराध में गिरफ्तार होने वाला हो या उसे इस बात का डर हो की उसे किसी ऐसे केस में फसा कर जेल में बंद किया जा सकता है जो कि उसने किया ही नहीं है तो ऐसे में जेल जाने से बचने के लिये वह न्यायालय से गिरफ्तार होने से पहले ही अग्रिम जमानत के लिये आवेदन कर सकता है। जब न्यायालय उस आवेदन को स्वीकृति दे देती है तो न्यायालय के आदेशानुसार पुलिस उस व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर सकती है। न्यायालय द्वारा जमानत का ये आदेश अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल] कहलाता है। ये अग्रिम जमानत दो प्रकार से की जा सकती है।  [1] FIR होने से पहले.  [2] FIR होने के बाद   [1] FIR होने से पहले: यदि दो लोगों की आपस में अनबन है और उनमें से एक को ऐसा लगता है कि दूसरा उस पर कोई झूठा केस बनवा कर गिरफ्तार करा सकता है और यदि पहले को कही से ये पता चलता है कि दूसरा ऐसा कुछ करने का प्लान बना रहा है या फिर ऐसे हालत हो गये है कि उसके खिलाफ कभी भी FIR हो सकती है तो पहला व्यक्ति - न्यायालय में अपनी अग्रिम जमानत [ एंटीसिपेटरी बेल] के लिये आवेदन कर सकता है। इसमें न्यायालय पुलिस को यह आदेश देती है कि अगर कोई FIR

महिलाओं पर होने वाले अपराध किस प्रकार से अपराधिक न्याय प्रशासन एवं समाज पर एक आलोचक के रूप में सदैव सामने आते रहते हैं क्या कारण है?How do crimes against women always come forward as a critique on criminal justice administration and society? What is the reason?

बलात्कार को भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत बलात्संग कहते हैं। धारा 375 के अनुसार "बलात्संग जो पुरुष एतस्मिन पश्चात अपवादित दशा के सिवाय किसी स्त्री के साथ निम्न 6 की तरह की परिस्थितियों में से किसी में मैथुन करता है, वह पुरुष बलात्संग करता है, यह कहा जाता है:  (a) उस स्त्री की इच्छा के खिलाफ,  (b) उस स्त्री की सम्मति के बिना,  (c) उस स्त्री की सम्मति से, जबकि उसकी सम्मति उसे या ऐसे किसी व्यक्ति को जिसके साथ वह हितबद्ध है. मृत्यु या उपहति के भय में डालकर अभिप्राप्त की गई है,  (d) उस स्त्री की सम्मति से, जबकि वह पुरुष यह जनता है कि वह उस स्त्री का पति नहीं है और उस स्त्री ने सम्मति इसलिए दी है कि वह विश्वास करती है कि वह ऐसा पुरुष है जिससे वह विधिपूर्वक विवाहित है या विवाहित होने का विश्वास करती है,  (e) उस स्त्री की सम्मति से जबकि ऐसी सम्मति देने के समय वह विकृतचित्त या मत्तता के कारण उस पुरुष द्वारा व्यक्तिगत रूप में किसी अन्य के माध्यम से कोई संज्ञा शून्यकारी या अस्वास्थ्यकर पदार्थ दिए जाने के कारण उस बात की जिसके बारे में वह सम्मति देती है, प्रकृति एवं परिणामों को समझने में असमर्थ

अपराध शास्त्र को किस प्रकार से परिभाषित किया जा सकता है?How can criminology be defined?

अपराध शास्त्र जिसका अंग्रेजी भाषा में अर्थ होता है criminology होता है। criminology दो शब्दों से बना है। पहले शब्द को यदि हम अलग करे तो crime+logy अर्थात crime का पूरा गुच्छे को हम criminology कहते है।   Defining criminology:→ The scientific of the causation correction Study and prevention of crime called criminology. The social science approach to the study of crime as an individual and social Phenomenon.       इसका शाब्दिक अर्थ हमको बताता है कि आपराधिक आचरण की प्रकृति ,विस्तार तथा कारणों तथा उन पर नियत्रण का अध्ययन करना ही criminology की श्रेणी में आता है।  According to डोनाल्ड टेक्ट ने अपराध एवं अपराधियों के वैज्ञानिक विश्लेषण एवं अवलोकन से सम्बन्धित विषय है जबकि दण्ड शास्त्र अपराधियो के दंड एवं उनके उपचार के विषय में विश्लेषण तथा अध्ययन का विषय है। उनका मानना है कि  अपराध शास्त्र का जन्म दण्डशास्त्र के पश्चात हुआ है क्योंकि प्राचीन  समय में अपराधियों को दण्डित करने पर ही जोर दिया जाता था बजाये इसके किं अपराध  के कारणों के बारे में पता किया जाये। अर्थात कि  किसी व्यक्

धारा 228A IPC क्या होता है परिभाषित करो ?Define what is Section 228A IPC?

निपुण शर्मा बनाम भारत संघ(2018) के मामले में भारत की सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक ऐतिहासिक निर्णय दिया गमा । जिसमे यह बोला गया कि बलात्कार और यौन शोषण के पीड़ितों की पहचान को सार्वजनिक करने से उ‌नके प्रति समाज में उनके उत्पीडन को रोकने में सहायता करता है। खासकर ऐसे मामलों में जिनमें वयस्क बलात्कार पीड़ितों और यौन शोषण का अनुभव करने वाले बच्चे शामिल हो। क्योंकि समाज में कुछ  वर्षों में ऐसे मामले देखने को मिले हैं जिनमें यह देखा गया है कि यौन अपराधों विशेष रुप से बलात्कार कि पीडितों की अक्सर सामाजिक बहिष्कार और भेदभाव का सामना करना पड़ता है। यदि न्यायालय के अन्दर की बात की जाये तो उनको कठोर जिरह और आपराधिक न्याय  प्रणाली के भीतर उनके चरित्र पर हमलों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।       जबकि IPC का section 228 A बलात्कार के पीड़ितों की पहचान का खुलासा करने पर रोक लगाती है। यदि किसी भी परिस्थिति में पीड़ितों की पहचान को सार्वजनिक किया जाता है तो ऐसी स्थिति में दण्ड का प्रावधान भी है।            धारा 228A कुछ अपराधों के पीड़ितों की पहचान का खुलासा करने की गैरकानूनी बनाती ह

कापीराइट स्वामित्व को आसान भाषा में क्या होता है ?What is copyright ownership in simple language?

संपत्ति उन चीजों की नामित करती है जिनमें आमतौर पर किसी व्यक्ति या समूह के कब्जे के रूप में मान्यता दी जाती है। स्वामित्व का अधिकार संपत्ति से जुड़ा हुआ है जो अन्य व्यक्तियों या समूहों के सम्बन्ध में अपनी सम्पत्ति होने के नाते स्थापित करता है। मालिक को सम्पत्ति के साथ अपने तरिके से निपटने का अधिकार है चाहे उस सम्पत्ति को इस्तेमाल करे या न  करे दूसरों को इस्तेमाल करने से रोके या बेच दे।    सम्पत्ति के प्रकार: सम्पति को प्रमुख रूप से दो प्रकार से बांटा गया है जो कि निम्नलिखित है  [1] मूर्त सम्पत्ति  [2] अमूर्त सम्पत्ति  मूर्त सम्पत्तिः मूर्त सम्पत्ति ऐसी सम्पत्ति होती है जोकि किसी रूप में मौजूद है। जैसे कि कोई भवन, घर, भूमि, नकदी, गहने आदि मूर्त सम्पत्ति के उदाहरण माने जाते हैं। दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि जिनकी उपस्थिति  शारीरिक रूप में में होती है। बौद्धिक सम्पदा भूर्त सम्पत्ति के रूपों में से एक है और एक मूर्त सम्पत्ति था वस्तु के मूल्य से भी अधिक हो सकता है। बौद्धिक सम्पदा के तहत अधिकार संरक्षित है  [i] पेंटेंट  [2] कॉपीराइट  ③ ट्रेडमार्क  [4] औद्योगिक डिजाइन  [5]