(भारतीय दण्ड संहिता की धारा) IPC 304 (B) (1) के अनुसार (1) जहाँ विवाह के सात वर्ष के भीतर किसी स्त्री की मृत्यु जल जाने से अथवा शारीरिक क्षति से अथवा सामान्य परिस्थितियों से अन्यथा हो जाती है और यह दर्शित किया जाता है, कि उसकी मृत्यु से ठीक पहले उसे उसके पति द्वारा अथवा पति के रिश्तेदारों द्वारा दहेज के लिये मांग को लेकर परेशान किया गया था अथवा उसके साथ निर्दयतापूर्वक व्यवहार किया गया था तो इसे दहेज मृत्यु [dowry death] कहा जायेगा और उसकी मृत्यु का कारण रिश्तेदारों को माना जायेगा। भारत में दहेज प्रथा एक गंभीर सामाजिक समस्या रही है। यह कुप्रथा सिर्फ महिलाओं के लिये पीड़ा का कारण नहीं बनती। बल्कि समाज के नैतिक मूल्यों पर भी सवाल खड़ा करती है। जब दहेज के कारण किसी महिला को प्रताडित किया जाता है और उसकी हत्या कर दी जाती है या आत्महत्या करने के लिये मजबूर कर दिया जाता है तो इसे दहेज हत्या ( Dowry death ] कहा जाता है। दहेज हत्या क्या होती है? सामाजिक रूप से देहज हत्या से हमारे समाज की सोच के बारे में...
कानून समझें • अपने अधिकार जानें • सही कदम उठाएँ”