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असामी (Asami) क्या है? यूपी में असामी के अधिकार, बेदखली, विरासत और जमीन का कानून

पत्नी ने मायके में आत्महत्या की तो पति पर कौन-सी धारा लगेगी?

  मुझसे लोगों  के द्वारा यह सवाल पूछा गया कि मान लो पति पत्नी के विवाद जब होता है तो धमकी का स्तर इतना बढ़ जाता है तो कि पत्नी पति को परेशान करने के लिए आत्महत्या जैसे कदमों को एक हथियार के रूप में भी इस्तेमाल कर सकती है । इसमें यह स्पष्ट रहेगा कि केवल पत्नी की आत्महत्या हो जाने से पति या ससुराल वालों पर अपराध अपने-आप सिद्ध नहीं हो जाता; पुलिस को उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर धाराएँ लगानी होती हैं। पत्नी ने मायके में आत्महत्या कर ली तो पति और ससुराल वालों पर कौन-सी धाराएँ लग सकती हैं? पूरी कहानी और कानूनी बचाव एक कहानी से समझिए पूरा मामला राकेश की शादी को लगभग तीन साल हुए थे। शादी के बाद कुछ समय तक सब ठीक चला, लेकिन धीरे-धीरे पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगा। घरेलू विवाद के बाद राकेश की पत्नी पिछले लगभग एक साल से अपने मायके में रह रही थी। राकेश का कहना था कि वह पत्नी को वापस लाने के लिए कई बार बातचीत कर चुका था, लेकिन पत्नी अपने माता-पिता के साथ ही रहना चाहती थी। इसी बीच पत्नी के मायके वालों और राकेश के परिवार के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला पुलिस, अधिकारियों और स्थ...

घरेलू हिंसा का केस कैसे करें? DV Act में FIR से लेकर Court तक पूरी प्रक्रिया

DV Act में केस कैसे करें? घरेलू हिंसा के मामले की पूरी प्रक्रिया, आवेदन, राहत और Case Law क्या पति ने पत्नी को घर से निकाल दिया है? क्या वह पत्नी और बच्चों का खर्च नहीं दे रहा? क्या पत्नी को मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है? क्या उसे अपने वैवाहिक घर में रहने का अधिकार चाहिए? ऐसी परिस्थितियों में महिलाओं के लिए Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 , जिसे सामान्य भाषा में DV Act या घरेलू हिंसा अधिनियम कहा जाता है, एक महत्वपूर्ण कानूनी remedy है। लेकिन DV Act का मामला केवल “पति ने पत्नी को घर से निकाल दिया” लिखकर दाखिल नहीं किया जाता। एक अधिवक्ता के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि वह पहले पूरे facts को समझे, domestic violence के specific incidents निकाले, evidence देखे और फिर उचित relief के लिए सही sections लगाए। इस लेख में हम एक उदाहरणात्मक कहानी के माध्यम से समझेंगे कि DV Act में केस कैसे किया जाता है, Section 12 application कैसे तैयार होती है, Section 23 में interim relief कैसे मांगी जाती है, maintenance और residence का दावा कैसे किया जाता है, मामला किस ...

FIR होने के बाद क्या करें? आरोपी के लिए पूरी कानूनी प्रक्रिया | BNSS 2023

  FIR होने के बाद क्या करें? आरोपी के लिए पूरी कानूनी प्रक्रिया जानें ।FIR होने के बाद आरोपी को क्या करना चाहिए? जानिए गिरफ्तारी, जमानत, पुलिस जांच, बयान, चार्जशीट, कोर्ट की कार्यवाही और आरोपी के कानूनी अधिकारों की पूरी जानकारी। FIR होने के बाद क्या करें? अगर आपके खिलाफ FIR (First Information Report) दर्ज हो गई है, तो घबराने के बजाय सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि FIR दर्ज होना अपने-आप में दोष सिद्ध होना नहीं है। FIR किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों से संबंधित आपराधिक प्रक्रिया की शुरुआत हो सकती है। इसके बाद पुलिस मामले की जांच करती है, साक्ष्य एकत्र करती है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करती है। वर्तमान में आपराधिक प्रक्रिया मुख्य रूप से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) के अंतर्गत संचालित होती है। BNSS 1 जुलाई 2024 से लागू है। इसलिए अगर आपके खिलाफ FIR हो गई है, तो सबसे महत्वपूर्ण सवाल है— FIR होने के बाद आरोपी को तुरंत क्या करना चाहिए? इस लेख में हम FIR से लेकर गिरफ्तारी, जमानत, पुलिस जांच, चार्जशीट और कोर्ट ट्रायल तक की पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में समझेंगे। 1....

समझौता हो गया, फिर भी मुकदमा क्यों चल रहा है?

एक गांव के झगड़े से लेकर High Court में Quashing तक की पूरी कहानी भूमिका कई बार नए अधिवक्ता के पास ऐसा मुकदमा आता है जिसमें दोनों पक्षों के बीच वर्षों पहले लड़ाई हुई थी। FIR दर्ज हुई, चार्जशीट दाखिल हुई और मुकदमा न्यायालय में चलता रहा। फिर कुछ वर्षों बाद दोनों परिवारों में समझौता हो गया। समझौते में पैसे का लेन-देन भी हो गया और शिकायतकर्ता ने साफ कह दिया कि अब उसे आरोपी से कोई विवाद नहीं है। लेकिन आरोपी की समस्या वहीं खत्म नहीं होती। वह आज भी हर तारीख पर न्यायालय जा रहा है। उसका सवाल होता है— "साहब, जब हमारा समझौता हो चुका है और सामने वाला अब मेरे खिलाफ गवाही नहीं देना चाहता, तो मेरा मुकदमा खत्म क्यों नहीं हो रहा?" यहीं से एक नए अधिवक्ता की असली भूमिका शुरू होती है। 1. सबसे पहले पूरी कहानी समझिए मान लीजिए एक गांव में दो परिवारों के बीच पुराना विवाद था। एक दिन दोनों परिवार आमने-सामने आ गए और कहासुनी के बाद हाथापाई शुरू हो गई। इसी दौरान एक परिवार का लड़का दूसरे परिवार की महिला की तरफ दौड़ा। महिला भी बचने के लिए भागी। भागदौड़ और हाथापाई के दौरान महिला की साड़ी का एक ह...