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Section 138 NI Act क्या है? Cheque Bounce की पूरी जानकारी, सजा, जुर्माना और इतिहास

Section 138 NI Act क्या है? Cheque Bounce की पूरी जानकारी, सजा, जुर्माना और इतिहास

  Section 138 NI Act क्या है? Cheque Bounce का पूरा कानून आसान कहानी में Section 138 NI Act क्या है? अगर किसी व्यक्ति ने आपको पैसा लौटाने के लिए cheque दिया और बैंक ने वह cheque insufficient funds या निर्धारित banking arrangement से अधिक राशि होने के कारण unpaid वापस कर दिया, तो कुछ वैधानिक शर्तें पूरी होने पर Negotiable Instruments Act, 1881 की Section 138 के तहत criminal complaint की जा सकती है। लेकिन एक महत्वपूर्ण बात शुरुआत में ही समझ लीजिए— हर bounced cheque अपने-आप Section 138 का अपराध नहीं बनता। Cheque किसी legally enforceable debt या liability के भुगतान के लिए होना चाहिए और Section 138 में दी गई notice तथा payment की statutory conditions भी पूरी होनी चाहिए। एक कहानी से समझिए Section 138 NI Act मान लीजिए अमित और रवि अच्छे दोस्त हैं। एक दिन रवि को व्यापार में पैसों की जरूरत पड़ती है। रवि अमित से कहता है— “भाई, मुझे ₹5 लाख की जरूरत है। तीन महीने में पैसा वापस कर दूंगा।” अमित विश्वास करके रवि को ₹5 लाख दे देता है। तीन महीने बाद अमित पैसे मांगता है। रवि कहता है— “अभी cash न...

असामी (Asami) क्या है? यूपी में असामी के अधिकार, बेदखली, विरासत और जमीन का कानून

यूपी में आसामी (Asami) कौन होता है? असामी के अधिकार, बेदखली, विरासत और जमीन से जुड़े पूरे कानून को आसान भाषा में समझें क्या खसरा-खतौनी में किसी व्यक्ति का नाम “असामी” लिखा है? अगर हाँ, तो क्या इसका मतलब यह है कि वह जमीन का मालिक है? क्या असामी जमीन बेच सकता है? क्या असामी की मृत्यु के बाद उसके बच्चों को जमीन मिलती है? क्या जमीन का मालिक असामी को जब चाहे खेत से निकाल सकता है? और अगर असामी वर्षों से जमीन पर खेती कर रहा है, तो क्या केवल लंबे कब्जे के कारण वह भूमिधर बन जाता है? इन सवालों के जवाब केवल “कब्जा” देखकर नहीं दिए जा सकते। उत्तर प्रदेश के भूमि कानून में असामी (Asami) एक अलग प्रकार का tenure है। वर्तमान कानून में असामी को समझने के लिए U.P. Revenue Code, 2006 की धाराओं को देखना पड़ता है। इस लेख में पहले एक कहानी से समझते हैं कि असामी वास्तव में कौन होता है और फिर कानून की धाराओं तथा महत्वपूर्ण न्यायिक फैसलों से पूरी स्थिति समझेंगे। पहले एक कहानी: रामदीन की जमीन पर किसका अधिकार था? मान लीजिए उत्तर प्रदेश के एक गांव में रामदीन नाम का व्यक्ति रहता है। गांव की खतौनी में एक जमीन के संब...

सरकारी कर्मचारी पर हमला, criminal force, सजा, जमानत, cognizable और non-bailable स्थिति तथा Supreme Court के महत्वपूर्ण case law।

IPC की धारा 353 से BNS की धारा 132 तक: सरकारी कर्मचारी पर हमला करने पर कौन-सा कानून लगेगा? क्या किसी पुलिसकर्मी, तहसील कर्मचारी, राजस्व अधिकारी, नगर निगम कर्मचारी या दूसरे लोक सेवक को सरकारी काम करने से रोकने पर BNS की धारा 132 लग सकती है? क्या केवल बहस करने या गाली देने से यह धारा लग जाती है? क्या धक्का देना, हाथ पकड़ना, रास्ता रोकना या कागज छीनना भी अपराध हो सकता है? इन सवालों का जवाब समझने के लिए पहले एक छोटी-सी कहानी समझिए। एक छोटी कहानी से समझिए BNS धारा 132 मान लीजिए कि रामलाल की दुकान के सामने नगर निगम की टीम अतिक्रमण की कार्रवाई करने पहुंचती है। नगर निगम का कर्मचारी अपना सरकारी काम कर रहा है। रामलाल अधिकारी से बहस करने लगता है। रामलाल कहता है— “आप गलत कर रहे हैं, मैं इसकी शिकायत करूंगा।” इतना कहना अपने-आप में BNS धारा 132 का अपराध नहीं बन जाता। लेकिन स्थिति तब बदलती है जब रामलाल अधिकारी को धक्का देता है, उसका हाथ पकड़कर पीछे खींचता है, उसके शरीर पर बल प्रयोग करता है या ऐसा हमला/आपराधिक बल प्रयोग करता है जिसका उद्देश्य अधिकारी को उसकी सरकारी ड्यूटी करने से रोकना या डराना है। ऐसी...