बिल्कुल। इस topic को मैं सिर्फ कानूनी जानकारी वाला article नहीं , बल्कि ऐसा client-intent article बनाऊँगा जिसमें पाठक अपनी स्थिति को कहानी में पहचान सके और अंत में उसे स्पष्ट हो कि FIR के बाद घबराने के बजाय कौन-से कदम उठाने चाहिए। मैंने current BNSS text और हाल के Supreme Court decisions को भी cross-check किया है। खास तौर पर BNSS Section 35 , arrest procedure, advocate से interrogation के दौरान मिलने का अधिकार, और Supreme Court का जनवरी 2026 का महत्वपूर्ण निर्णय शामिल कर रहा हूँ। Supreme Court ने स्पष्ट किया कि सात वर्ष तक की सजा वाले offences में Section 35(3) का notice सामान्यतः rule है और arrest को mechanically नहीं किया जाना चाहिए। ( Sci API ) 🚨 मेरे खिलाफ FIR हो गई, अब क्या करूं? FIR होने के बाद गिरफ्तारी से कैसे बचें, Bail कब लें और Police Investigation में क्या करें? — एक पूरी कहानी के माध्यम से Author: Raghvendra Singh, Advocate Website: Legal4Helps.in अगर आपके खिलाफ FIR दर्ज हो गई है तो सबसे पहले घबराइए नहीं। FIR दर्ज होना और अपराध साबित होना दो अलग-अलग बातें हैं। लेकिन FI...
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