Cheque Bounce और Civil Recovery में क्या अंतर है? आसान कहानी से समझिए पूरा कानून Cheque Bounce और Civil Recovery में क्या अंतर है? क्या cheque bounce होने पर केवल Section 138 NI Act का criminal case किया जा सकता है? क्या पैसा वापस लेने के लिए अलग से civil recovery suit भी किया जा सकता है? अगर दोनों मामले एक साथ चल सकते हैं तो पैसा दो बार तो नहीं मिलेगा? Civil suit कब करना चाहिए? Cheque Bounce Case में सजा होती है या केवल पैसा मिलता है? इन सवालों का जवाब एक आसान कहानी से समझते हैं। पहले सबसे आसान जवाब अगर किसी व्यक्ति ने आपका पैसा देना था और उसने cheque दिया, लेकिन cheque bounce हो गया, तो सामान्य रूप से आपके सामने दो अलग कानूनी रास्ते हो सकते हैं: 1. Cheque Bounce Case – Section 138 NI Act इसका उद्देश्य cheque dishonour के लिए कानून के तहत कार्रवाई करना है। इसमें criminal/quasi-criminal character और compensatory aspect दोनों मौजूद हैं। 2. Civil Recovery Suit इसका मुख्य उद्देश्य वास्तव में बकाया पैसा, ब्याज और उपलब्ध अन्य civil relief की recovery करना है। Supreme Court ने स्पष्ट किया ...
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