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Discharge Application under BNSS: क्या है, कब लगती है और कैसे Draft करें?

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FIR क्या है? FIR से Chargesheet तक पूरी कानूनी प्रक्रिया | BNSS 2023

FIR क्या है? FIR दर्ज करने से लेकर जांच और Chargesheet तक पूरी कानूनी प्रक्रिया FIR क्या होती है? FIR कौन दर्ज कर सकता है? पुलिस FIR दर्ज करने से मना करे तो क्या करें? FIR दर्ज होने के बाद पुलिस क्या करती है? आरोपी की गिरफ्तारी कब होती है? Investigation कैसे होती है और Chargesheet कब दाखिल की जाती है? इन सभी सवालों के जवाब इस लेख में आसान भाषा, उदाहरण और वास्तविक न्यायिक निर्णयों के माध्यम से समझाए गए हैं। महत्वपूर्ण: यह लेख सामान्य कानूनी जानकारी के उद्देश्य से है। किसी विशेष मामले में लागू धाराएँ, गिरफ्तारी की स्थिति, Bail , Quashing या अन्य उपाय मामले के तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करते हैं। FIR क्या है? FIR का पूरा नाम First Information Report यानी प्रथम सूचना रिपोर्ट है। जब पुलिस को किसी संज्ञेय अपराध (Cognizable Offence) के संबंध में सूचना प्राप्त होती है और उस सूचना को कानून के अनुसार दर्ज किया जाता है, तो उसे सामान्य भाषा में FIR कहा जाता है। वर्तमान आपराधिक प्रक्रिया में FIR से संबंधित प्रमुख प्रावधान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (BNSS) की धारा 173 में ह...

BNSS 2023 के तहत Regular Bail कैसे प्राप्त करें?

एक गिरफ्तारी ने बदल दी रवि की पूरी जिंदगी रवि एक सामान्य युवक था। वह अपने परिवार के साथ रहता था और एक छोटी-सी दुकान चलाता था। एक दिन शाम को अचानक उसके घर पुलिस पहुंची। पुलिस ने रवि को बताया कि उसके खिलाफ एक आपराधिक मुकदमा दर्ज हुआ है और उसे पूछताछ के लिए थाने चलना होगा। रवि घबरा गया। उसने पूछा, “लेकिन मैंने किया क्या है?” पुलिस ने उसे बताया कि उसके खिलाफ मारपीट और अन्य आरोपों में FIR दर्ज हुई है। रवि को विश्वास था कि उसे झूठा फंसाया गया है। लेकिन पुलिस ने उसकी बात नहीं मानी और कुछ समय बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अब रवि के परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल था— “रवि को जेल से बाहर कैसे लाया जाए?” यहीं से शुरू होती है Regular Bail की कानूनी प्रक्रिया। Regular Bail क्या होती है? जब किसी व्यक्ति को किसी अपराध के मामले में गिरफ्तार कर लिया जाता है और वह न्यायिक हिरासत में चला जाता है, तब उसे मुकदमे के दौरान जेल से बाहर आने के लिए अदालत से जमानत मांगनी पड़ सकती है। इसे सामान्य रूप से Regular Bail कहा जाता है। Regular Bail का उद्देश्य आरोपी को मुकदमे के अंतिम निर्णय से पहले कुछ शर्तों के अधीन...

मेरे खिलाफ FIR हो गई, अब क्या करूं? | BNSS Section 35, Arrest & Bail की पूरी जानकारी

बिल्कुल। इस topic को मैं सिर्फ कानूनी जानकारी वाला article नहीं , बल्कि ऐसा client-intent article बनाऊँगा जिसमें पाठक अपनी स्थिति को कहानी में पहचान सके और अंत में उसे स्पष्ट हो कि FIR के बाद घबराने के बजाय कौन-से कदम उठाने चाहिए। मैंने current BNSS text और हाल के Supreme Court decisions को भी cross-check किया है। खास तौर पर BNSS Section 35 , arrest procedure, advocate से interrogation के दौरान मिलने का अधिकार, और Supreme Court का जनवरी 2026 का महत्वपूर्ण निर्णय शामिल कर रहा हूँ। Supreme Court ने स्पष्ट किया कि सात वर्ष तक की सजा वाले offences में Section 35(3) का notice सामान्यतः rule है और arrest को mechanically नहीं किया जाना चाहिए। ( Sci API ) 🚨 मेरे खिलाफ FIR हो गई, अब क्या करूं? FIR होने के बाद गिरफ्तारी से कैसे बचें, Bail कब लें और Police Investigation में क्या करें? — एक पूरी कहानी के माध्यम से Author: Raghvendra Singh, Advocate Website: Legal4Helps.in अगर आपके खिलाफ FIR दर्ज हो गई है तो सबसे पहले घबराइए नहीं। FIR दर्ज होना और अपराध साबित होना दो अलग-अलग बातें हैं। लेकिन FI...