सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Section 138 NI Act क्या है? Cheque Bounce की पूरी जानकारी, सजा, जुर्माना और इतिहास

धारा 445 क्या है और यह किस अपराध को बताती है?

गृह भेदन(House breaking ): इस संहिता की धारा 445 के अनुसार गृह भेदन का अपराध उस समय होता है जब कोई व्यक्ति ग्रह अतिचार करता है या किसी भी भाग में निम्नलिखित उल्लेखित 6 तरीकों में से घर में प्रवेश करता है या यदि उस पर घर में या उसके किसी भाग में अपराध करने के प्रयोजन से होते हुए या वहां अपराध कर चुकने पर उस घर से उसके किसी भाग से  ऐसे 6 तरीकों में से किसी से बाहर निकलता है अर्थात:


(1) यदि वह ऐसे रास्ते में प्रवेश करता है या वहां से निकलता है जो कि स्वयं उसके अथवा उस घर में अनाधिकृत प्रवेश के लिए दुष्प्रेरक  ने उस घर में अनाधिकृत प्रवेश करने के लिए बनाया है।


(2) यदि वह ऐसे रास्ते से जो स्वयं उसके या उस अपराध के अभिप्रेरक से अन्यथा और किसी व्यक्ति द्वारा मनुष्य के प्रवेश के लिए आशयित न हो या किसी ऐसे रास्ते से जिस तक कि वह किसी सीढी अथवा किसी दीवार या भवन पर चढ़कर पहुंचा है प्रवेश करता है या निकलता है।

(3) यदि वह किसी ऐसे रास्ते से प्रवेश करता है या निकलता है जिसको कि उसने उस घर में अनाधिकृत प्रवेश करने हेतु दुष्प्रेरण देने वाले व्यक्ति ने उस घर में अनाधिकृत प्रवेश को करने के लिए किसी भी ऐसे साधन द्वारा खोला है  जिसके द्वारा उस रास्ते का खोला जाना उस घर पर आधिपत्य रखने वाले द्वारा आशयित नहीं था।


(4) यदि वह घर अनाधिकृत प्रवेश करने के लिए या उसके पश्चात उसके घर से निकल कर जाने के लिए ताले को खोलकर प्रवेश करता है या निकलता है।


(5) यदि वह आपराधिक बल का प्रयोग करके या हमला करके या किसी व्यक्ति पर धमकी देकर प्रवेश या प्रस्थान करता है।


(6) यदि वह ऐसे रास्ते में प्रवेश करता है अथवा निकलता है जिसको कि वह ऐसे प्रवेश यात्रा स्थान को रोकने के लिए और स्वयं अपने द्वारा अनाधिकृत प्रवेश के अभिप्रेरक द्वारा खोला हुआ जानता हो तो उसके बारे में यह कहा जाता है कि उसने घर भेदन का अपराध किया है।


                      (धारा 445)



व्याख्या: कोई भी उप निवास भवन जो किसी ग्रह के साथ आधिपत्य में है और जिसके ऐसे ग्रह के बीच बिल्कुल भीतर से जाने का मार्ग है। अंतर्गत खुश घर का भाग है।


उदाहरण(1)'ख' की दीवार में छेद करके अ उसमें अपना हाथ डालकर अनाधिकृत रूप से प्रवेश करता है। अ ने गृह भेदन का अपराध किया है।


(2) 'ग' किसी खिड़की से घुसकर ब के मकान में प्रवेश करता है। ग ने गृह भेदन का अपराध किया है।


(3) क एक तार अपनी खिड़की से होकर ग के  दरवाजे  की कढी में डालकर ग का दरवाजा खोल लेता है और उस तरह से ग के मकान में घुस जाता है। क ने गृह भेदन का अपराध किया है।

(4) 'अ' अपने मकान के दरवाजे पर खड़ा है। 'ख' उसको धक्का मारकर अ के मकान में घुस जाता है ख  ने गृह भेदन का अपराध  किया है।


(5) अ' , ब ' की कोठी के चौकीदार को धमकाकर फाटक खुलवा लेता है और कोठी में घुस जाता है। अ ने गृह भेदन का अपराध किया है।


(6) क को ख के घर के दरवाजे की चाबी मिल जाती है जिससे ताला खोलकर क उसके घर में घुस जाता है ख ने गृह भेदन का अपराध किया है।


(7) 'अ' अपनी छत कूदकर ब के आंगन में कूद जाता है अ ने गृह भेदन का अपराध  किया है।



रात्रि में गृह भेदन(house breaking by night ): सूर्यास्त के पश्चात और सूर्योदय के पूर्व भेदन को रात्रि में भेदन(house breaking by night ) कहलाता है।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

बलवा (Rioting) और दंगा (Affray) क्या है? BNS की धारा 191 और 194 की पूरी जानकारीi

बलवा (Rioting) और दंगा (Affray) क्या है? BNS की धारा 191 और 194 की पूरी जानकारी बलवा क्या होता है? दंगा और बलवा में क्या अंतर है? पांच या उससे अधिक लोगों के समूह द्वारा हिंसा करने पर कौन-सी धारा लगती है? क्या हर व्यक्ति को केवल भीड़ में मौजूद रहने से बलवा का आरोपी बनाया जा सकता है? BNS Section 191 और Section 194 में क्या प्रावधान है? ये प्रश्न आपराधिक मामलों में बहुत महत्वपूर्ण हैं। पुराने भारतीय दंड संहिता (IPC) में बलवा से संबंधित मुख्य प्रावधान धारा 146 और 147 तथा Affray यानी दंगा से संबंधित प्रावधान धारा 159 और 160 में थे। अब 1 जुलाई 2024 से लागू भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) में इन विषयों के लिए नए section लागू हैं। वर्तमान कानून में BNS Section 189 unlawful assembly, Section 190 common-object liability, Section 191 rioting और Section 194 affray से संबंधित है। इस लेख में इन सभी प्रावधानों को उदाहरण और न्यायिक निर्णयों के माध्यम से आसान भाषा में समझेंगे। 1. बलवा (Rioting) क्या है? साधारण भाषा में जब कोई unlawful assembly यानी विधि-विरुद्ध जमाव अपने common object को ...

असामी (Asami) क्या है? यूपी में असामी के अधिकार, बेदखली, विरासत और जमीन का कानून

यूपी में आसामी (Asami) कौन होता है? असामी के अधिकार, बेदखली, विरासत और जमीन से जुड़े पूरे कानून को आसान भाषा में समझें क्या खसरा-खतौनी में किसी व्यक्ति का नाम “असामी” लिखा है? अगर हाँ, तो क्या इसका मतलब यह है कि वह जमीन का मालिक है? क्या असामी जमीन बेच सकता है? क्या असामी की मृत्यु के बाद उसके बच्चों को जमीन मिलती है? क्या जमीन का मालिक असामी को जब चाहे खेत से निकाल सकता है? और अगर असामी वर्षों से जमीन पर खेती कर रहा है, तो क्या केवल लंबे कब्जे के कारण वह भूमिधर बन जाता है? इन सवालों के जवाब केवल “कब्जा” देखकर नहीं दिए जा सकते। उत्तर प्रदेश के भूमि कानून में असामी (Asami) एक अलग प्रकार का tenure है। वर्तमान कानून में असामी को समझने के लिए U.P. Revenue Code, 2006 की धाराओं को देखना पड़ता है। इस लेख में पहले एक कहानी से समझते हैं कि असामी वास्तव में कौन होता है और फिर कानून की धाराओं तथा महत्वपूर्ण न्यायिक फैसलों से पूरी स्थिति समझेंगे। पहले एक कहानी: रामदीन की जमीन पर किसका अधिकार था? मान लीजिए उत्तर प्रदेश के एक गांव में रामदीन नाम का व्यक्ति रहता है। गांव की खतौनी में एक जमीन के संब...

कंपनी के संगम ज्ञापन से क्या आशय है? What is memorandum of association? What are the contents of the memorandum of association? When memorandum can be modified. Explain fully.

संगम ज्ञापन से आशय  meaning of memorandum of association  संगम ज्ञापन को सीमा नियम भी कहा जाता है यह कंपनी का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। हम कंपनी के नींव  का पत्थर भी कह सकते हैं। यही वह दस्तावेज है जिस पर संपूर्ण कंपनी का ढांचा टिका रहता है। यह कह दिया जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यह कंपनी की संपूर्ण जानकारी देने वाला एक दर्पण है।           संगम  ज्ञापन में कंपनी का नाम, उसका रजिस्ट्री कृत कार्यालय, उसके उद्देश्य, उनमें  विनियोजित पूंजी, कम्पनी  की शक्तियाँ  आदि का उल्लेख समाविष्ट रहता है।         पामर ने ज्ञापन को ही कंपनी का संगम ज्ञापन कहा है। उसके अनुसार संगम ज्ञापन प्रस्तावित कंपनी के संदर्भ में बहुत ही महत्वपूर्ण अभिलेख है। काटमेन बनाम बाथम,1918 ए.सी.514  लार्डपार्कर  के मामले में लार्डपार्कर द्वारा यह कहा गया है कि "संगम ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य अंश धारियों, ऋणदाताओं तथा कंपनी से संव्यवहार करने वाले अन्य व्यक्तियों को कंपनी के उद्देश्य और इसके कार्य क्षेत्र की परिधि के संबंध में अवग...