गिरफ्तारी के दौरान अभियुक्त से जप्त किये गये सामानों को लौटाने हेतु आवेदन पत्र की drafting कैसे करते हैं?
गिरफ्तार व्यक्तियों की तलाशी से सम्बन्धित धारायें:→ भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता [crpc] में गिरफ्तार व्यक्तियों की तलाशी से संबंधित प्रमुख धारायें निम्नलिखित हैं:→
• धारा 51:- →यह धारा गिरफ्तारी के बाद व्यक्ति की तलाशी से संबन्धित है। इसमें यह उल्लेखित है कि किसी भी गिरफ्तार व्यक्ति की तलाशी ली जा सकती है ताकि उससे कोई ऐसी चीज बरामद की जा सके जो अपराध के सबूत के रूप में उपयोगी हो सकती है।
धारा 100:- → यह धारा तलाशी लेने के लिये सामान्य प्रक्रिया निर्धारित करती है। इसमें यह बताया गया है कि तलाशी किसी तरह से ली जायेगी और किन परिस्थितियों में तलाशी वारंट जारी किया जा सकता है। इस धारा के अन्तर्गत पुलिस अधिकारी तलाशी के समय किसी स्वतंत्र गवाह को उपस्थित रहने का प्रयास करते हैं और उसकी उपस्थिति में तलाशी की जाती है।
• धारा 102:- → इस धारा के अन्तर्गत यदि पुलिस अधिकारी को तलाशी के दौरान कोई संपत्ति मिलती है जो किसी अपराध से संबन्धित हो सकती है, तो वह उसे जब्त कर सकता है।
• धारा 165: → इस धारा के अन्तर्गत पुलिस अधिकारी तत्कालीन परिस्थितियों में बिना वारंट के तलाशी ले सकते हैं। यदि उन्हें यह विश्वास हो कि वारंट लेने में विलम्ब होने से तलाशी का उद्देश्य विफल हो जायेगा।
धारा 51 के तहत तलाशी लेते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना आवश्यक है: →
• तलाशी का उद्देश्य : → तलाशी का मुख्य उद्देश्य अपराध के सबूत जुटाना होता है।
• तलाशी लेने वाला अधिकारी : → केवल अधिकृत पुलिस अधिकारी ही तलाशी ले सकता है।
• तलाशी का तरीका: → तलाशी लेते समय व्यक्ति की गरिमा का ध्यान रखना चाहिये और किसी भी प्रकार का अत्याचार नहीं करना चाहिये।
• तलाशी का रिकॉर्ड : → तलाशी के दौरान मिले सभी सामानों का एक विस्तृत रिकॉर्ड बनाना होता है।
गिरफ्तार करने वाला अधिकारी या जब गिरफ्तारी प्राइवेट व्यक्ति द्वारा की जाती है। तब वह पुलिस अधिकारी, जिसे वह गिरफ्तार किये गये व्यक्ति को सौपता है उस व्यक्ति की तलाशी ले सकता है और पहने के आवश्यक वस्त्रों को छोड़कर उसके पास पायी गयी सभी वस्तुओं को सुरक्षित अभिरक्षा में रख सकता है और जहाँ गिरफ्तार किये गये व्यक्ति द्वारा कोई वस्तु अधिग्रहीत की जाती है वहाँ ऐसे व्यक्ति को एक रशीद दी जायेगी जिसमें पुलिस अधिकारियों द्वारा कब्जे में की गयी वस्तुमें दर्शित होगी।
Note: → जब किसी स्त्री की तलाशी करना आवश्यक हो तब ऐसी तलाशी शिष्टता का पूरा ध्यान रखते हुये अन्य स्त्री द्वारा की जायेगी।
अभियुक्त की गिरफ्तारी के समय जप्त किये गये सामानों को लौटाने हेतु आवेदन पत्र
न्यायालय श्रीमान् मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी जिला.......
वाद सं० .........
सरकार बनाम अभियुक्त
अ.स......
धारा.........
थाना........
जिला...... भारतीय दण्ड संहिता की धारा 51(१) के अन्तर्गत प्रार्थना-पत्र
प्रार्थना पत्र में अभियुक्त का नाम ........... पुत्र ............... निवासी ............. थाना ........... जिला .............निम्नलिखित निवेदन करता है।
1. यह कि प्रार्थी को उक्त मुकदमें में थाना .............. कि पुलिस द्वारा दिनांक ............ समय .................बजे शाम को आजमानतीय वॉरण्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के समय अभियुक्त के शरीर की तलाशी पुलिस द्वारा ली गयी थी, जिसमें प्रार्थी के पास से एक मोबाइल, एक घड़ी और रुपये ..................बरामद हुआ, जिसे पुलिस द्वारा जप्त कर लिया गया ।
2. यह कि माननीय न्यायालय द्वारा प्रार्थी अभियुक्त की मुकदमें कि नियमित सुनवाई के पश्चात दिनांक ..…......... को दोष मुक्त कर दिया गया।
3. यह सामान अभियुक्त के व्यक्तिगत और आवश्यक उपयोग के हैं तथा इन्हें जप्त करने से अभियुक्त को अत्यधिक असुविधा हो रही है।
4. यह कि प्रार्थी पुलिस द्वारा जप्त किये गये सामानों की वापसी चाहता है।
5. मैंने भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 51 के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। उक्त धारा के अनुसार, गिरफ्तारी के समय अभियुक्त के पास से जप्त किये गये सामानों को उचित न्यायिक प्रक्रिया के बाद अभियुक्त को लौटाया जा सकता है।
प्रार्थना
अतः माननीय महोदय से विनम्र निवेदन है कि मामले की स्थिति एवं न्याय की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुये जप्त किये गये सामानों को लौटाने हेतु जोकि गिरफ्तारी के समय जप्त किया गया था। पुलिस को आदेश प्रदान करने की कृपा करें।
स्थान .................. नाम, पिता कानाम
दिनाक .............. थाना ........
जिला ........
द्वारा अधिवक्ता
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