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किशोर जमानत प्रार्थना पत्र कैसे लिखें यदि व्यक्ति जेल में है?How to write a juvenile bail application if the person is in jail?

                                      न्यायालय श्रीमान किशोर न्याय बोर्ड महोदय 

मु० अ० सं० XXX/2024                                                                                    थाना XXXX                         
                                                     सरकार बनाम XXXX 
          
                                                     धारा 354, 323, 504, 506 आई०पी०सी. व 3(2) 5क एस० सी० एस० टी० एक्ट 

        
         किशोर जमानत प्रार्थना पत्र द्वारा xxxx पुत्र XXXX निवासी xxxx थाना xxxx जिला xxxx निम्नलिखित है: -


[1] यह कि प्रार्थी निर्दोष है उक्त प्रकरण में झूठा फसाया गया है। 

[२] यह कि एफ० आई० आर० बिलम्ब से है । बिलम्ब का कोई स्पष्टीकरण नहीं है।

 [३] यह कि प्रथम सूचना रिपोर्ट बनावटी व मनगढन्त तथा पेशबन्दी में फर्जी पड़ोस की रंजिश के कारण फर्जी व झूठी की गयी है।

 [4] यह कि प्रार्थी की साइकिल चोरी गयी थी जिसकी चौकी में दरख्वास्त दी थी और उसकी खोज में पुलिस ने वादिया के पति को पकड़कर पूछ ताछ की थी क्योंकि वह अपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है जिससे बुराई मानकर पेशबन्दी में यह झूठी रपट की गयी है।


 [5] यह कि प्रथम सूचना रिपोर्ट किसी तरह कोई स्वतंन्त्र साक्ष्य से समर्थित नहीं है।

 [6] यह कि प्रार्थी का कोई अपराधिक इतिहास नहीं है।

 [7] यह कि बयान वादिनि के अवलोकन से कथित छेड़खानी की घटना का कोई औचित्य ही नही है और न ही किसी तरह का कोई स्वतंत्र साक्षी है।

 [8] यह कि प्रथम सूचना रिपोर्ट डाक्टरी साक्ष्य से समर्थित न होने से घटना मनगढ़न्त है।

 [9] यह कि  एफ० आई० आर० व बयानात में मौलिक विरोधाभाष है। 


[10] यह कि प्रार्थी का संसर्ग व सम्पर्क किसी ज्ञात व अज्ञात अपराधियों से न रहा है न है जब कि प्रार्थी के घर परिवार में प्रार्थी के नेचुरल गार्जियन है जो प्रार्थी के वैध संरक्षक है जो गैर आपराधिक है प्रवृत्ति के भले व सम्भ्रांत व्यक्ति है।


[11] यह कि प्रार्थी का साहचर्य किसी ज्ञात अपराधी के साथ आने की कोई संभावना नही है और न ही प्रार्थी किसी मनोंवैज्ञानिक खतरे में पड़ेगा और न ही ऐसी सम्भावना है। 


[12] यह कि प्रार्थी जमानत पर छूटने के बाद न्याय के उद्‌देश्य को विफल नहीं होने देगा।

 [13] यह कि प्रार्थी द्वारा न किसी तरह कि मारपीट की गयी और न ही किसी प्रकार के घटना की गयी तथा एफ० आई० आर० का कथानक पूरी तरह से गलत व बेबुनियाद है।

 [14] यह कि कथित धाराओं का अपराध नहीं बनता।

 [15] यह कि प्रार्थी पर्याप्त जमानतें देने की पर्याप्त है तथा यह प्रार्थी का प्रथम जमानत प्रार्थनापत्र है।

 [16] यह कि प्रार्थी हमेशा न्यायालय में उपस्थित  रहेगा तथा जमानत का दुरुपयोग नहीं करेगा। 


          अतः श्रीमान जी से प्रार्थना है कि तामुकदमा फैसला प्रार्थी की जमानत पर रिहा किये जाने की कृपा की जाये।

 दिनांक।                                                                                                                  प्रार्थी
                                                                                                                 निवासी xxxx, 

                                                                                                                   जिला XXXX 


        द्वारा अधिवक्ता





                                      Court Mr. Juvenile Justice Board Sir

 Case No. XXX/2024                                                                                      Police Station XXA
                                                   Government vs XXXX


                                                                     Section 354, 323, 504, 506 IPC.  And 3(2) 5A SCST Act

 Juvenile bail application form by xxxx son of XXXX resident of xxxx police station xxxx district xxxx is as follows:-


 [1] That the applicant is innocent and has been falsely implicated in the said case.

 [2] That the FIR is delayed.  There is no explanation for the delay.

  [3] That the First Information Report has been fabricated and fabricated and has been made fake and false due to neighborhood rivalry.

  [4] That the applicant's bicycle had been stolen and a complaint had been lodged at the police station and in search of it, the police had caught the applicant's husband and interrogated him because he is a person of criminal nature and considering it as evil, this false report was made in the presentation.  .


  [5] That the First Information Report is in no way supported by any independent evidence.

  [6] That the applicant has no criminal history.

  [7] That there is no justification for the alleged incident of molestation from the deposition's observation, nor is there any independent witness of any kind.

  [8] That the incident is fabricated as the first information report is not supported by medical evidence.




[9] That there is a fundamental contradiction between the FIR and the statement.


 [10] That the applicant has not had any association or contact with any known or unknown criminals whereas there is a natural guardian of the applicant in the applicant's family who is the legal guardian of the applicant and is a good and noble person of non-criminal nature.  .


 [11] That there is no possibility of the applicant associating with any known criminal nor will the applicant be in any psychological danger nor is there any such possibility.


 [12] That the applicant will not let the ends of justice fail after being released on bail.

  [13] That neither any kind of assault nor any incident took place by the applicant and the narrative of the FIR is completely wrong and baseless.

  [14] That the said sections do not constitute an offence.

  [15] That the applicant is strong enough to give adequate sureties and this is the applicant's first bail application.

  [16] That the applicant will always be present in the court and will not misuse the bail.


           Therefore, it is requested to Sir that the applicant may be pleased to be released on bail as per the decision of the case.

  Date.                                                                                                   Applicant
                                    
                                                                                                       Resident xxxx,

                                                                                                      District XXXX


         Advocate by

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