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Striving for Equality: The Case for a Uniform Civil Code

इनकम टैक्स में छूट पाने के लिए मकान किराए में छूट का क्या प्रावधान होता है?

मकान किराया भत्ता (एच आर ए) पर कर छूट भारत में एक महत्त्वपूर्ण कर सुविधा है जो किरायदारों को साथ ही किराये देने वाले व्यक्तियों को भी लाभ पहुचाती है। यह छूट भारतीय कर सिस्टम का हिस्सा है। नौकरी पेशा लोग अपनी इनकम के एक हिस्से के रूप में हर माह ही मकान किराया भत्ता (एचआरए) हासिल करते हैं। यहां तक की कारपोरेटर्स सेक्टर में काम करने वाले बड़े पदो पर बैठे हुये लोग भी HRA प्राप्त करते हैं जिससे उनको इनकम टैक्स बचाने में मदद मिलती है। आयकर अधिनियम की धारा 10(13A) और नियम 2A में मकान किराया भते (एचआरए) पर कर- छूट का प्रावधान किया गया है।

Tax exemption on House Rent Allowance (HRA) is an important tax benefit in India which benefits tenants as well as renting persons.  This exemption is part of the Indian tax system.  Employed people receive House Rent Allowance (HRA) every month as a part of their income.  Even people holding high positions working in the corporators sector also get HRA which helps them in saving income tax.  Section 10(13A) and Rule 2A of the Income Tax Act provide for tax exemption on House Rent Allowance (HRA).




 [1] HRA क्या है ?


 HRA (House Rent Allowance):- किसी व्यक्ति के वेतन में उस भाग को कहा जाता है, जिसे वह अपने मकान किराया  के रूप में देता है। यह वेतन से कटता है । लेकिन कर छूट में लाभकारी होता है।


[1] What is HRA?



 HRA (House Rent Allowance):- That part of a person's salary which he pays as his house rent.  It is deducted from salary.  But it is beneficial in tax exemption.


 [2] कर छूट कैसे मिलती है ?


 कर छूट की राशि HRA की जमा किये गये किराये के आधार पर मिलती है, जिसे व्यक्ति के वेतन के हिस्से के रूप में प्राप्त किया जा सकता है। कर छूट की राशि को व्यक्ति के आयकर द्वारा कटा  जाता है और इसका लाभ आयकर करदाताओं को मिलता है। 

[2] How to get tax exemption?



 The amount of tax exemption is based on the rent deposited in HRA, which can be availed as a part of the individual's salary.  The amount of tax exemption is deducted from the income tax of the individual and its benefit is passed on to the income tax payers.



[3] कौन - कौन से लोग यह छूट प्राप्त कर सकते हैं ? 

HRA का लाभ सभी व्यक्तियों को नहीं मिलता है। इसकी शर्त होती है कि किराये पर निवास किया जा रहा हो और व्यक्ति वेतन पर किराया भत्ता प्राप्त कर रहा हो। 
[3] Which people can get this discount?


 Not all persons get the benefit of HRA.  Its condition is that the residence is being rented and the person is receiving rent allowance on the salary.


[4] कर छूट के लाभ: यह छूट व्यक्तियों को उनकी आयकर दायित्व में कमी करने में मदद करती है और मकान किराया भत्ता पर व्यक्ति को एक आरामदायक स्थान पर निवास करने का अधिक आत्मसमर्पण करता है।

[4] Benefits of Tax Exemption: This exemption helps individuals in reducing their income tax liability and allows the individual on house rent allowance to surrender more of his residence at a comfortable location.

 [5] सेक्शन 10(13A) के तहत किराया भत्ता कर छूट: भारतीय कर नियमों के अनुसार आप के द्वारा प्राप्त किराया भत्ता का आयकर आपकी मासिक आय से कटाया जा सकता है, लेकिन सेक्शन 10(13A) के तहत किराया भत्ता पर कर छूट दी जाती है। इसके अर्न्तर्गत आपके द्वारा प्राप्त किराया भत्ता 30% छूट दी जाती है।


         HRA पर वह कोई भी आयकरदाता कर छूट का लाभ हासिल कर सकता है जो किराये के मकान में रह रहा है। हालांकि इसकी अपनी कुछ सीमायें भी है। अगर कोई कर्मचारी अपने स्वयं के मकान में रह रहा हो तो उसे HRA में Income Tax का लाभ नहीं मिलेगा। 


[5] Rent allowance tax exemption under section 10(13A): As per Indian tax rules, income tax on rent allowance received by you can be deducted from your monthly income, but tax exemption on rent allowance under section 10(13A)  Is given.  Under this, 30% discount is given on the rent allowance received by you.



 Any income taxpayer who is living in a rented house can avail the benefit of tax exemption on HRA.  However, it also has some limitations.  If an employee is living in his own house then he will not get the benefit of Income Tax in HRA.


रशीद की जरूरत कब होती है? यदि Income tax में फायदा प्राप्त करना हो ।



जब कर्मचारी को प्रति माह तीन हजार रुपये से अधिक का HRA मिल रहा हो तो Central board of Taxes के कथनानुसार किसी भी कर्मचारी को रशीद देने की आवश्यकता होती है।

When is Rashid needed?  If you want to get benefit in Income Tax.

 According to the Central Board of Taxes, when an employee is getting HRA of more than three thousand rupees per month, there is a need to give a receipt to any employee.

मकान किराया भत्ता [HRA] का इनकम टैक्स के डिडक्शन के नियम : → 'ऐसा समझा जाता है कि कर्मचारियों को जितना मकान किराया भत्ता [HRA] मिलता है. उतना पूरा का पूरा ही इनकम टैक्स में डिडक्ट हो जाता है। ऐसा नही है। असल मकान किराया भत्ता कुल वेतन की 10% राशि को वास्तविक किराये में से घटाने के बाद शेष राशि ।

Rules for deduction of House Rent Allowance [HRA] in Income Tax: → 'It is understood that the amount of House Rent Allowance [HRA] received by the employees.  That entire amount is deducted in income tax.  It is not so.  The remaining amount after deducting the actual house rent allowance (10% of the total salary) from the actual rent.


 • भारत के मेट्रो सिटी जैसे कि मुंबई; दिल्ली; चैन्नई और कोलकता में रहने वाले व्यक्ति के वेतन की 50 फीसदी और अन्य शहरों में रहने वाले व्यक्ति के. वेतन की 40 फीसदी राशि | [ वेतन में बेसिक और डीए भी शामिल रहता है।
• India's metro cities such as Mumbai;  Delhi;  50 percent of the salary of a person living in Chennai and Kolkata and 50 percent of the salary of a person living in other cities.  40 percent of the salary.  [Basic and DA are also included in the salary.

 . उदाहरण :- माना कि कोई व्यक्ति मकान किराये के रूप में 5000रू0 मकान का किराया दे रहा है। यदि उसका मासिक वेतन 30000 हजार रुपये है। उस तीस हजार का 10% राशि यानी 3000 को वास्तविक किराये में से घटाने के बाद शेष राशि आयेगी 2000 रुपये | यदि 30 हजार का 40% की बात की जाये तो वह 12 हजार रुपये होगा। इन तीनों में से जो न्यूनतम होगा, उतनी ही राशि की कर में छूट मिलेगी। न्यूनतम राशि 2000क है यानी कर योग्य आय में से 24 हजार रुपये की ही वार्षिक छूट मिलेगी । उसे हर महिने HRA के रूप में 6 हजार रुपये मिलते है. अर्थात प्रति माह 4 हजार रुपये या वार्षिक 48 हजार रुपये कर योग्य आय में जुड़ जायेंगे ।

Example:- Suppose a person is paying Rs 5000 as house rent.  If his monthly salary is Rs 30000.  After deducting 10% of that thirty thousand i.e. Rs 3000 from the actual fare, the remaining amount will be Rs 2000.  If we talk about 40% of Rs 30 thousand then it will be Rs 12 thousand.  Whichever is the minimum among these three, the same amount will be exempted from tax.  The minimum amount is Rs 2000, i.e. the annual exemption will be only Rs 24 thousand from the taxable income.  He gets Rs 6,000 as HRA every month.  That means Rs 4 thousand per month or Rs 48 thousand annually will be added to the taxable income.


पैन कार्ड की आवश्यकता कब होती है? मकान मालिक का पैन नम्बर क्यों जरुरी है?


 पैन नम्बर की जरूरत तब होती है जब कोई कर्मचारी एक साल में एक लाख रुपये या उससे अधिक की धनराशि को किराये के रूप में अदा करता है तो उसे अपने मकान मालिक के पैन नम्बर की जानकारी भी अपने नियोक्ता को देनी होगी। यदि मकान मालिक के पास पैन कार्ड नही है तो उसे मकान मालिक से एक डिक्लेरेशन लेकर उसे नियोक्ता को देना होगा। 10[13A)इनकम टैक्स की इस धारा में HRA से सम्बन्धित प्रावधान है।

When is PAN card required?  Why is the PAN number of the landlord important?



 PAN number is required when an employee pays an amount of Rs 1 lakh or more as rent in a year, then he will also have to inform the PAN number of his landlord to his employer.  If the landlord does not have a PAN card, he will have to take a declaration from the landlord and give it to the employer.  10[13A) This section of Income Tax has provisions related to HRA.



 Note: → मकान किराये भत्ते  के सम्बन्ध में अक्सर असमंजस की स्थिति रहती है कि इसकी छूट आयकर में मिलेगी या नहीं यदि हाँ तो कितनी ? किराये की रशीद देनी होगी या नहीं। क्या मकान मालिक के पैन कार्ड को भी देना होगा। इस तरह के सवाल हमारे दिमाग में अक्सर आते होंगें। यदि कोई व्यक्ति किराये के मकान में रहता है. तो उसे HRA की छूट का लाभ प्राप्त होगा। 


Note: → There is often confusion regarding House Rent Allowance whether it will be exempted from Income Tax or not, if yes then how much?  Will rent receipt have to be given or not?  Will the landlord's PAN card also have to be given?  Such questions would often come to our mind.  If a person lives in a rented house.  So he will get the benefit of HRA exemption.


HRA की कटौती सीमा : → HRA की कटौती सीमा के निम्नलिखित प्रावधान हैं- 

 [1] HRA की वास्तविक प्राप्त राशि पर निर्भरता

 [2). भुगतान किराये का 10% वेतन का 

 [3] वेतन का 40% वेतन का मतलब बेसिक सैलरी + DAसे है।


Deduction limit of HRA: → The deduction limit of HRA has the following provisions-


 [1] Dependence on actual amount of HRA received


 [2).  Pay rent 10% of salary


 [3] 40% of salary means basic salary + DA.


इसको सरल भाषा में ऐसे समझ सकते है कि-

 यदि प्राप्त HRA की राशि 3000 रुपए से कम है. व आप के द्वारा भुगतान की गयी किराये की राशि 8333 रूपए के मासिक से कम है तो न किराये की रशीद और न मकान मालिक के पैन कार्ड को उपलब्ध करना आवश्यक होता है।


 यदि HRA की प्राप्त राशि 3000 ₹ या इससे अधिक और दिये गये किराये की राशि 8333 रुपए से कम है तो सिर्फ किराये की रसीद (revenue  'स्टाम्प सहित) प्रस्तुत करनी होगी पैन नं. नही।


 *यदि प्राप्त HRA और भुगतान किराये राशि दोनों ही क्रमश: 3000 ₹ व 8333 रुपए से अधिक है तो किराये की रशीद व मकान मालिक के पैन नम्बर दोनो ही आप को नियोक्ता को देना होगा। 

This can be understood in simple language like this-


 If the amount of HRA received is less than Rs 3000.  And if the rent amount paid by you is less than Rs 8333 per month, then it is not necessary to provide either the rent receipt or the PAN card of the landlord.



 If the amount of HRA received is ₹ 3000 or more and the amount of rent paid is less than ₹ 8333, then only the rent receipt (with revenue stamp) will have to be submitted PAN no.  No.



 *If both the HRA received and the rent amount paid is more than ₹ 3000 and ₹ 8333 respectively, then you will have to give both the rent receipt and the landlord's PAN number to the employer.



Note:→ किराया भुगतान की राशि में बिजली व मरम्मत में  किया गया खर्च को नही जोड़ा जाता है।

Note: → Expenses incurred on electricity and repairs are not included in the fare payment amount.

 उदाहरण :→ कोई व्यक्ति ए किसी तहसील या ब्लाक । स्तर पर कर्मचारी के रूप में कार्यरत है और वह मासिक किराया 4000 ₹ अदा करता है।

Example :→ A person from any tehsil or block.  He is working as an employee at level 1 and pays monthly rent of ₹ 4000.


 सालाना वेतन भत्तो का चार्ट : → 

बेसिक वेतन : → 201720 ₹

 D.A. → 2.2.9162 


HRA       11040 ₹ 

निम्न में से सबसे कम राशि ही आयकर से मुक्त होगी 

 [1] HRA की वास्तविक प्राप्त राशि = 11040 


 [2] किराये की राशि वेतन राशि का 10%

 4000X12-(201 720 +2 29162) X 10%

 48000-43088 = 4912 7

 [3] वेतन का 40% 

430882X10% = 172353 


 उपर्युक्त तीनों में से सबसे कम राशि 4912  है जो कि आयकर से मुक्त होगी। 


अतः प्राप्त HRA की 11040 ₹ की राशि में से 4912 टैक्स फ्री होगी व 11040-4912 - 6128 ₹ पर टैक्स लगेगा। ऐसी स्थिति में न तो किराये की रसीद और न ही मकान मालिक के PAN no. की आवश्यकता है ।

Chart of annual salary and allowances: →


 Basic Salary : → 201720 ₹


 D.A.  → 2.2.9162



 HRA 11040 ₹


 Only the least amount of the following will be exempt from income tax


 [1] Actual amount of HRA received = 11040



 [2] Rental amount 10% of salary amount


 4000X12-(201 720 +2 29162) X 10%


 48000-43088 = 4912 7


 [3] 40% of salary


 430882X10% = 172353



 The lowest amount among the above three is Rs 4912 which will be free from income tax.



 Therefore, out of the amount of 11040 ₹ of HRA received, 4912 will be tax free and 11040-4912 - 6128 ₹ will be taxed.  In such a situation, neither the rent receipt nor the landlord's PAN no.  is required .



 Note: यदि HRA की राशि को आयकर से बचाना है तो आप को जो चार्ट में बताया गया है उसके अनुसार और अधिक महंगे किराये के मकान में रहना होगा। अर्थात जो गणना का अन्तर 4912₹ की जगह 12040  न्यूनतम करना होगा।

Note: If you want to save the HRA amount from income tax then you will have to live in a more expensive rented accommodation as mentioned in the chart.  That means the difference in calculation will have to be minimum ₹12040 instead of ₹4912.



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