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अकेक्षक की प्रतिनियुक्ति( reappointment of an auditor)अकेक्षक की अयोग्यताएं( disqualification of auditor)

 अकेक्षक की प्रतिनियुक्ति( reappointment of an auditor)

कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 139 के अंतर्गत अकेक्षक के पद पर पुनः नियुक्ति की जा सकती है। इस अधिनियम की धारा 141 में भी उप बंधित किया गया है कि प्रत्येक कंपनी अपने सेवानिवृत्ति होने वाले लेखा परीक्षक को ही आगामी 5 वर्ष की अवधि के लिए पुनः  लेखा परीक्षक के पद पर नियुक्त कर सकती है परन्तु  लिखित परिस्थितियों में उसे उसके पद पर पुनः  नियुक्त नहीं किया जा सकता है

(a) यदि सेवानिवृत्ति होने वाला व्यक्ति किन्ही कारणों से उस पद नियुक्ति के लिए अपात्र हो गया हो

(b) यदि वह स्वेच्छा से अपनी पुनः नियुक्ति नहीं चाहता हो

(c) यदि कंपनी की साधारण सभा में सेवानिवृत्ति होने वाले लेखा परीक्षक को पुनः नियुक्त न किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया हो

(d) यदि कंपनी की साधारण सभा में कार्यरत लेखा परीक्षक की मृत्यु अथवा अक्षमता का नोटिस दिया गया हो

              वर्तमान अधिनियम 2013 की धारा 141 के अंतर्गत राज्यों से अर्हता  प्राप्त  लेखा परीक्षकों को किसी कंपनी के लेखा परीक्षक के पद पर नियुक्ति के लिए अर्ह नहीं माना गया है। इसी प्रकार किसी फर्म को लेखा परीक्षक के रूप में तभी नियुक्त किया जा सकता है जब उस फर्म के सभी सदस्य चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में भारत में व्यवसाय कर रहे हो।


अकेक्षक की अयोग्यताएं( disqualification of auditor)

(1) निगमित निकाय सिवाय एक सीमित दायित्व वाली भागीदारी फर्म के जो भागीदारी अधिनियम 2008 के अंतर्गत पंजीकृत है

(2) कंपनी का कोई अधिकारी या कर्मचारी

(3) जो व्यक्ति उस कंपनी का एक विहित राशि से अधिक ऋण के लिए ऋणी हो या जिसने किसी अन्य व्यक्ति द्वारा कंपनी से लिए गए विहित राशि से अधिक के ऋण के लिए कंपनी को जमानत दी हो

(4) ऐसा व्यक्ति जो उस कंपनी का साझेदार हो अथवा किसी सेवा में कार्यरत हो

(5) ऐसा व्यक्ति जो किसी निजी कंपनी का निदेशक अथवा सदस्य हो

(6) ऐसा व्यक्ति जो किसी ऐसे निगम निकाय में नियुक्ति के लिए अयोग्य हो स्वयं ही संबंधित कंपनी की संधारि या सहायक कंपनी है एवं

(7) ऐसा व्यक्ति जो किसी निगमित निकाय का निदेशक हो अथवा उसकी प्राथिक पूंजी के न्यूनतम 5% मूल्य के अंश धारण किए हो

(8) ऐसा व्यक्ति जो उस कंपनी के निदेशक का रिश्तेदार है या किसी प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक के रूप में कार्यरत हैं

(9) ऐसा व्यक्ति जिसे कपट या छल के अपराध के लिए सक्षम न्यायालय द्वारा डंडा दृष्ट किया गया हो तथा उसके बाद अभी 10 वर्ष का समय व्यतीत नहीं हुआ हो

          अगर अकेक्षक के पद पर नियुक्त होने के पश्चात उपयुक्त किन्ही कारणों से वह व्यक्ति उस पद के लिए अपात्र हो जाता है तो उसे तुरंत अपने पद से त्यागपत्र देना होगा।

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