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बाल देखभाल संरक्षण अधिनियम 2000 के पारित होने के कारण एवं मुख्य उद्देश्य (silent features child care Protection Act 2000

बाल देखभाल संरक्षण अधिनियम 2000 की मुख्य विशेषताएं: -

( 1): - किशोर न्याय सामान्य विधि (common law on juvenile justice): - किशोर न्याय अधिनियम 2000 से पहले किशोर न्याय अधिनियम 1986 लागू था यह विधान अपने उद्देश्यों को पूर्ण रूप से प्रभाव में नहीं ला पा रहा था बाल अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों के लिए कोई विधि नहीं थी इसी उद्देश्य की पूर्ति करने के लिए इस अधिनियम को प्रभाव में लाया गया है.

( 2) अधिनियम का उद्देश्य (objects of the act): - अधिनियम की प्रस्तावना में अधिनियम का उद्देश्य बताया गया है अधिनियम का उद्देश्य देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों की उचित देखभाल की व्यवस्था करना उनके संरक्षण और उनकी विकास संबंधी आवश्यकताओं के पोषण द्वारा उपचार और न्याय निर्णयन तथा मामलों के निपटारे में बाल मैत्री अवधारणा को अंगीकार करते हुए बालकों के सर्वोत्तम हित में किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित विभिन्न संस्थानों के माध्यम से उनके अंतिम पुनर्वास हेतु विधि विरोधी किशोरों से संबंधित विधि को संशोधित तथा समेकित करना है.

( 3) परिभाषाएं (definition): - अधिनियम की धारा 2 में विभिन्न शब्दावली यों को परिभाषित किया गया अधिनियम में भीख मांगना देखने का संरक्षण की आवश्यकता में बालक संप्रेषण गृह परिवीक्षा अधिकारी आदि शब्दों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया उपरोक्त परिभाषाएं अधिनियम के प्रावधानों की व्याख्या करने में पूर्ण सहायक है.

( 4) सक्षम अधिकारी एवं  बोर्ड (competent authority and board): - अधिनियम के अध्याय 2 में अधिनियम के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए किशोरों को सुरक्षित रखने के लिए किशोर न्याय बोर्ड संप्रेक्षण गृह आदि का उल्लेख किया गया है इसी अध्याय में उनके अधिकारों तथा शक्तियों के बारे में भी बताया गया है.

( 5) किशोर का सामाजिक संरक्षण (social production of juvenile): - इस अधिनियम में यह विशेष तौर पर उल्लेखित किया गया है कि के अधिकारों को सामाजिक रूप से संरक्षित रखा जाए इसके लिए अधिनियम में बाल कल्याण समिति बाल गृह सामाजिक एवं सम परीक्षण जैसे प्रावधानों की उप बंधित किया जाए.

( 6) पुनर्वास (Re hebilitation): - अध्याय 4 में किशोर के पुनर्वास के लिए आवश्यक प्रक्रिया को लेकर किया गया साथी उत्तर रक्षा संगठन की उपयोगिता पर भी बल दिया गया है.

( 7) अन्य प्रावधान (other provisions): - अधिनियम में किशोर के अंतरराष्ट्रीय मानकों के संदर्भ में अनेक प्रावधानों को उल्लेखित किया गया.


बाल देखभाल संरक्षण अधिनियम 2000 के पारित होने के कारण एवं उद्देश्य (the causes of passing of juvenile justice act 2000): -

       बाल देखभाल संरक्षण अधिनियम 2000 पारित होने के प्रमुख कारण: -

(a) बालक को के लिए दंडनीय अपराध सुनिश्चित करना
(b) बालकों के कल्याण से जुड़े संगठन में समन्वय स्थापित करना.

(c) अपचारी तथा विधि विवादित किशोरों के विषय में संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित मानकों का अनुसरण करना.

(d) अ प चारी तथा विधि विवादित किशोरों के लिए संपूर्ण देश में किशोर न्याय विषयक एक समरूप विधि का होना.

(e) अपचारी तथा विवादित बालकों के साथ एक विशिष्ट व्यवहार करते हुए उपचार निवारण के उपाय करना.

(f) अपचारी तथा विवादित किशोरों के विकास तथा पुनर्वास की व्यवस्था करना

(g) अपचारी तथा विधि द्वारा विवादित बालकों की जांच अन्वेषण तथा विचारण के विषय में मानक निर्धारित करना.

बाल देखभाल संरक्षण अधिनियम 2000 के उद्देश्य( objects of Juvenile justice care and protection of children act 2000): - विधि विवादित किशोरों की देखरेख एवं संरक्षण की जरूरत वाले किशोरों को उनके विकास के अनुरूप आहार प्रदान करके उनकी समुचित देखरेख संरक्षण एवं उपचार करने के लिए तथा बालकों के सर्वोत्तम हित में उनसे संबंधित केसों के न्याय निर्णय तथा निपटारे में एक शिशु मैत्री दृष्टिकोण अपनाकर तथा इस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से उनके लिए अंतिम पुनर्वास के लिए उससे संबंधित विधि के समेकन एवं संशोधन का अधिनियम.



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