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IPC की धारा 353 और BNS की धारा 132 लोक सेवकों की सुरक्षा से जुड़े कानून का पूरा विश्लेषण

पूर्व सुनवाई का अधिकार: Right of Preaudience

अधिवक्ता अधिनियम 1961 की धारा 23 पूर्व सुनवाई के अधिकार के संबंध में निम्नलिखित नियम और उपबंधित करती है -

( 1) भारत के महान्यायवादी (attorney General of India) की सुनवाई अन्य सभी अधिवक्ताओं (advocates) से पूर्व होगी.

( 2) भारत के  महा सॉली सीटर जनरल (solicitor General of India) की सुनवाई उपरोक्त महान्यायवादी के पश्चात परंतु अन्य सभी अधिवक्ताओं से पूर्व होगी.

( 3) भारत के अपर महासालीसीटर( upar Solicitor General) की सुनवाई उप धारा (1) उपधारा (2)के अधीन रहते हुए अन्य सभी अधिवक्ताओं से पूर्व होगी।


         भारत के द्वितीय महासलीसीटर( second upper Solicitor General) की सुनवाई उप धारा (1) उप धारा (2) उप धारा (3) के अधीन रहते हुए अन्य सभी अधिवक्ताओं के पूर्व होगी.

( 4) किसी राज्य के महाधिवक्ता (advocate general) की सुनवाई उप धारा (1)  उपधारा (2) उपधारा (3) तथा उप धारा(3क) के अधीन रहते हुए सभी अधिवक्ताओं के पूर्व होगी और महाधिवक्ता में परस्पर सुनवाई  का आधिकार उनकी अपनी वरिष्ठता के अनुसार आवधारित किया जाएगा।

( 5) वरिष्ठ अधिवक्ताओं की सुनवाई अन्य अधिवक्ताओं के पूर्व होगी.

( 6) वरिष्ठ अधिवक्ताओं में परस्पर और अन्य अधिवक्ताओं में परस्पर पूर्व सुनवाई का अधिकार उनकी अपनी अपनी वरिष्ठता के अनुसार आधारित किया जाएगा.

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