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बिना तलाक दूसरी शादी करने पर क्या होगी सजा? पत्नी को कितने साल की जेल हो सकती है?

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: पत्नी मायके चली गई और परिवार ने विधायक-पुलिस से दबाव बनाया तो क्या करें? कानूनी अधिकार और BNS 351 की पूरी जानकारी

शादी के कुछ महीने बाद पत्नी मायके चली गई, फिर विधायक और पुलिस से दबाव: क्या पति को जबरन ‘हिसाब-किताब’ करना पड़ेगा? Shadi ke kuch mahine rahne ke baad  कुछ ही महीने हुए थे, लेकिन एक दिन सब बदल गया... मान लीजिए अमित की शादी को अभी कुछ ही महीने हुए थे। शादी के बाद कुछ समय तक सब ठीक चला। लेकिन धीरे-धीरे पति-पत्नी के बीच मतभेद बढ़ने लगे। एक दिन घर में विवाद इतना बढ़ गया कि पत्नी ने पुलिस को फोन कर दिया। कुछ ही समय बाद पत्नी के मायके वाले भी वहां पहुंच गए। बातचीत हुई और पत्नी अपने मायके चली गई। अमित ने सोचा कि शायद कुछ दिनों में दोनों परिवार बैठेंगे और समस्या का समाधान निकालेंगे। लेकिन कहानी यहां खत्म नहीं हुई। असल परेशानी तो अब शुरू हुई। “ कोर्ट-कचहरी मत करो, हिसाब-किताब करके मामला खत्म करो” पत्नी के मायके वालों ने अमित के परिवार को फोन करना शुरू कर दिया। उनकी तरफ से बार-बार एक ही बात कही जाती— “हमें कोर्ट-कचहरी नहीं जाना है।” “आप लोग बैठकर हिसाब-किताब कर दो।” “जो देना है, लेकर मामला खत्म करो।” अमित ने जवाब दिया— “अगर मेरी पत्नी मेरे साथ नहीं रहना चाहती तो वह कानून के अनुसा...

समझौता हो गया, फिर भी मुकदमा क्यों चल रहा है?

एक गांव के झगड़े से लेकर High Court में Quashing तक की पूरी कहानी भूमिका कई बार नए अधिवक्ता के पास ऐसा मुकदमा आता है जिसमें दोनों पक्षों के बीच वर्षों पहले लड़ाई हुई थी। FIR दर्ज हुई, चार्जशीट दाखिल हुई और मुकदमा न्यायालय में चलता रहा। फिर कुछ वर्षों बाद दोनों परिवारों में समझौता हो गया। समझौते में पैसे का लेन-देन भी हो गया और शिकायतकर्ता ने साफ कह दिया कि अब उसे आरोपी से कोई विवाद नहीं है। लेकिन आरोपी की समस्या वहीं खत्म नहीं होती। वह आज भी हर तारीख पर न्यायालय जा रहा है। उसका सवाल होता है— "साहब, जब हमारा समझौता हो चुका है और सामने वाला अब मेरे खिलाफ गवाही नहीं देना चाहता, तो मेरा मुकदमा खत्म क्यों नहीं हो रहा?" यहीं से एक नए अधिवक्ता की असली भूमिका शुरू होती है। 1. सबसे पहले पूरी कहानी समझिए मान लीजिए एक गांव में दो परिवारों के बीच पुराना विवाद था। एक दिन दोनों परिवार आमने-सामने आ गए और कहासुनी के बाद हाथापाई शुरू हो गई। इसी दौरान एक परिवार का लड़का दूसरे परिवार की महिला की तरफ दौड़ा। महिला भी बचने के लिए भागी। भागदौड़ और हाथापाई के दौरान महिला की साड़ी का एक ह...

TTE ने टिकट रख लिया और यात्री को गाली दी तो क्या करें? Railway Act और BNS के तहत पूरी कानूनी जानकारी

क्या TTE यात्री का जनरल टिकट अपने पास रख सकता है? गाली, धमकी और वीडियो बनाने पर जेल भेजने की बात—कानून क्या कहता है? एक कहानी से समझिए पूरा मामला राकेश को लखनऊ से कानपुर जाना था। उसने रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से वैध जनरल टिकट खरीदा और जनरल डिब्बे में बैठकर यात्रा शुरू कर दी। कुछ देर बाद एक स्टेशन से एक व्यक्ति डिब्बे में आया। उसने टिकट चेक करना शुरू किया और यात्रियों ने उसे TTE समझकर अपने-अपने टिकट दिखाने शुरू कर दिए। राकेश ने भी अपना जनरल टिकट दिखाया। व्यक्ति ने टिकट अपने हाथ में ले लिया। राकेश ने पूछा— “साहब, टिकट वापस कर दीजिए।” उसने कहा— “अभी मेरे पास रहेगा।” इसी बीच कुछ यात्रियों ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। TTE ने यात्रियों से कहा— “ड्यूटी के दौरान मेरा वीडियो बनाना गैरकानूनी है। अभी GRP बुलाकर सबको जेल भेज दूंगा।” एक यात्री ने अपना टिकट वापस मांगते हुए कहा कि उसका टिकट वैध है और उसे आगे यात्रा करनी है। इस पर TTE ने उसे कथित रूप से अपशब्द और मां-बहन की गालियां देना शुरू कर दिया। कुछ यात्रियों ने फिर अपना टिकट वापस मांगा, लेकिन टिकट वापस नहीं किए गए। अगले स्टेशन पर ...

पत्नी के नाम की Bullet बाइक रास्ते में छीनने पर कौन-सी धारा लगेगी? BNS 2023 में सजा और FIR की पूरी जानकारी

पत्नी के नाम की Bullet मोटरसाइकिल रास्ते में छीन ली जाए तो कौन-सा अपराध बनेगा? BNS के तहत पूरी कानूनी जानकारी एक कहानी से समझिए पूरा मामला अमित की शादी नेहा से हुई थी। शादी के समय नेहा के परिवार की ओर से एक नई Bullet मोटरसाइकिल दी गई। मोटरसाइकिल का Registration Certificate नेहा के नाम था, लेकिन शादी के बाद वह मोटरसाइकिल अमित नियमित रूप से चलाता था। अमित और नेहा कुछ समय तक साथ रहे। बाद में दोनों के बीच वैवाहिक विवाद शुरू हो गया। नेहा अपने मायके चली गई। एक दिन अमित अपनी Bullet से बाजार जा रहा था। रास्ते में नेहा का भाई रोहित अपने दो रिश्तेदारों के साथ आया और अमित की मोटरसाइकिल को रोक लिया। रोहित ने कहा— “मेरी बहन से रिश्ता खत्म कर दिया है, अब बाइक भी हमारे साथ जाएगी।” अमित ने मोटरसाइकिल देने से मना किया। इसके बाद रोहित और उसके साथियों ने उसे घेर लिया, धमकाया और जबरन मोटरसाइकिल अपने कब्जे में ले ली। जाते समय रोहित ने कहा— “अगर दोबारा मेरी बहन के मामले में पड़े तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना।” अमित ने पुलिस थाने जाकर शिकायत दी। लेकिन पुलिस अधिकारी ने कहा— “बाइक तो आपकी पत्नी के नाम है...