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FIR क्या है? FIR से Chargesheet तक पूरी कानूनी प्रक्रिया | BNSS 2023

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BNSS 2023 के तहत Regular Bail कैसे प्राप्त करें?

एक गिरफ्तारी ने बदल दी रवि की पूरी जिंदगी रवि एक सामान्य युवक था। वह अपने परिवार के साथ रहता था और एक छोटी-सी दुकान चलाता था। एक दिन शाम को अचानक उसके घर पुलिस पहुंची। पुलिस ने रवि को बताया कि उसके खिलाफ एक आपराधिक मुकदमा दर्ज हुआ है और उसे पूछताछ के लिए थाने चलना होगा। रवि घबरा गया। उसने पूछा, “लेकिन मैंने किया क्या है?” पुलिस ने उसे बताया कि उसके खिलाफ मारपीट और अन्य आरोपों में FIR दर्ज हुई है। रवि को विश्वास था कि उसे झूठा फंसाया गया है। लेकिन पुलिस ने उसकी बात नहीं मानी और कुछ समय बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अब रवि के परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल था— “रवि को जेल से बाहर कैसे लाया जाए?” यहीं से शुरू होती है Regular Bail की कानूनी प्रक्रिया। Regular Bail क्या होती है? जब किसी व्यक्ति को किसी अपराध के मामले में गिरफ्तार कर लिया जाता है और वह न्यायिक हिरासत में चला जाता है, तब उसे मुकदमे के दौरान जेल से बाहर आने के लिए अदालत से जमानत मांगनी पड़ सकती है। इसे सामान्य रूप से Regular Bail कहा जाता है। Regular Bail का उद्देश्य आरोपी को मुकदमे के अंतिम निर्णय से पहले कुछ शर्तों के अधीन...

मेरे खिलाफ FIR हो गई, अब क्या करूं? | BNSS Section 35, Arrest & Bail की पूरी जानकारी

बिल्कुल। इस topic को मैं सिर्फ कानूनी जानकारी वाला article नहीं , बल्कि ऐसा client-intent article बनाऊँगा जिसमें पाठक अपनी स्थिति को कहानी में पहचान सके और अंत में उसे स्पष्ट हो कि FIR के बाद घबराने के बजाय कौन-से कदम उठाने चाहिए। मैंने current BNSS text और हाल के Supreme Court decisions को भी cross-check किया है। खास तौर पर BNSS Section 35 , arrest procedure, advocate से interrogation के दौरान मिलने का अधिकार, और Supreme Court का जनवरी 2026 का महत्वपूर्ण निर्णय शामिल कर रहा हूँ। Supreme Court ने स्पष्ट किया कि सात वर्ष तक की सजा वाले offences में Section 35(3) का notice सामान्यतः rule है और arrest को mechanically नहीं किया जाना चाहिए। ( Sci API ) 🚨 मेरे खिलाफ FIR हो गई, अब क्या करूं? FIR होने के बाद गिरफ्तारी से कैसे बचें, Bail कब लें और Police Investigation में क्या करें? — एक पूरी कहानी के माध्यम से Author: Raghvendra Singh, Advocate Website: Legal4Helps.in अगर आपके खिलाफ FIR दर्ज हो गई है तो सबसे पहले घबराइए नहीं। FIR दर्ज होना और अपराध साबित होना दो अलग-अलग बातें हैं। लेकिन FI...

BNS धारा 109 “Attempt to murder” है, जबकि Regular Bail की प्रक्रिया

न्यायालय श्रीमान सत्र न्यायाधीश, जनपद _________ के न्यायालय में जमानत प्रार्थना-पत्र संख्या : ____ / 2026 प्रकरण राज्य बनाम रामकिशोर एवं अन्य अपराध संख्या: 124/2026 थाना: कोतवाली नगर, जनपद _________ धाराएं: 109 BNS एवं अन्य धाराएं, यदि कोई हों अभियुक्त: रामकिशोर पुत्र हरिप्रसाद, निवासी ग्राम _________, थाना _________, जनपद _________ धारा 483 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अंतर्गत नियमित जमानत प्रार्थना-पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष अभियुक्त रामकिशोर की ओर से सादर प्रस्तुत है : 1. अभियुक्त का निर्दोष होना कि आवेदक/अभियुक्त रामकिशोर को उपर्युक्त मुकदमे में पुलिस द्वारा गिरफ्तार करके दिनांक 10.08.2026 से न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार _________ में निरुद्ध किया गया है। आवेदक स्वयं को निर्दोष बताता है तथा उसे वर्तमान प्रकरण में गलत एवं अतिरंजित आरोपों के आधार पर अभियुक्त बनाया गया है। आवेदक का किसी प्रकार का आपराधिक इतिहास नहीं है। 2. अभियोजन का संक्षिप्त कथानक कि अभियोजन के अनुसार दिनांक 05.08.2026 को लगभग शाम 7:30 बजे ग्राम _________ में शिकायतकर्ता सुरेश कुमार एवं उसके भ...