पति-पत्नी के संयुक्त नाम से खरीदी गई संपत्ति किसकी होती है? EMI पति भरता रहा लेकिन रजिस्ट्री दोनों के नाम है—तब कानून किसका साथ देगा? एक ऐसी कहानी जिसमें Property, EMI, Contribution और Ownership का पूरा सच सामने आएगा
EMI मैं भर रहा हूँ, तो घर मेरा हुआ या हम दोनों का?" रविवार की सुबह थी। अमित और उसकी पत्नी पूजा अपने घर के ड्राइंग रूम में बैठे थे। लगभग पाँच साल पहले दोनों ने मिलकर एक फ्लैट खरीदा था। फ्लैट की कीमत थी— ₹60 लाख। डाउन पेमेंट में अमित ने ₹10 लाख दिए थे। बाकी रकम के लिए बैंक से लगभग ₹50 लाख का होम लोन लिया गया। लेकिन एक खास बात थी। फ्लैट की रजिस्ट्री अमित और पूजा—दोनों के नाम पर थी। होम लोन की EMI लगभग ₹45,000 प्रति माह थी। पिछले पाँच साल से अमित ही अधिकांश EMI भर रहा था। पूजा ने शुरुआत में कुछ पैसे दिए थे, लेकिन बाद में उसने नौकरी छोड़ दी और घर तथा बच्चों की जिम्मेदारी संभाल ली। एक दिन दोनों में किसी छोटी-सी बात पर झगड़ा हो गया। गुस्से में पूजा ने कहा— "यह घर मेरा भी है। तुम मुझे इस घर से निकाल नहीं सकते।" अमित ने भी गुस्से में जवाब दिया— "EMI मैंने भरी है। पाँच साल में लाखों रुपये मैंने बैंक को दिए हैं। तुमने तो एक भी EMI नहीं भरी। फिर यह घर आधा तुम्हारा कैसे हो गया?" पूजा चुप हो गई। फिर उसने कहा— "लेकिन रजिस्ट्री में मेरा नाम भी है।" अमित बोला— "न...