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शादी खत्म करने के लिए दबाव और धमकी: BNS 2023 में पति क्या करे? जानिए धाराएं और कानूनी उपाय

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BNS धारा 63 क्या है? आसान कहानी और उदाहरणों से Rape की परिभाषा, Consent, शादी का झूठा वादा, नाबालिग और Supreme Court के महत्वपूर्ण Case Law समझें।

BNS धारा 63 क्या है? कहानी के जरिए समझिए Rape की परिभाषा, Consent, सजा और महत्वपूर्ण Supreme Court Case Laws BNS Section 63 in Hindi | IPC 375 से BNS 63 तक | बलात्कार की कानूनी परिभाषा | Consent क्या है? | शादी का झूठा वादा | नाबालिग और Rape | Supreme Court Case Laws लेखक: Raghvendra singh Advocate भारत में 1 जुलाई 2024 से नए आपराधिक कानून लागू हुए और भारतीय दंड संहिता यानी IPC की जगह भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) ने ले ली। बलात्कार यानी Rape से संबंधित कानून को समझने के लिए पहले IPC की धारा 375 पढ़ी जाती थी। अब BNS में बलात्कार की परिभाषा धारा 63 में दी गई है। लेकिन BNS की धारा 63 को केवल कानूनी भाषा में पढ़ने पर आम व्यक्ति के लिए इसे समझना कठिन हो सकता है। इसलिए इस लेख में हम इसे एक कहानी, आसान उदाहरणों, कानूनी बिंदुओं और महत्वपूर्ण Supreme Court Case Laws के माध्यम से समझेंगे। सबसे पहले याद रखें: BNS धारा 63 मुख्य रूप से Rape की Definition बताती है, जबकि Rape की punishment के लिए BNS धारा 64 को देखना होता है। एक कहानी से समझिए BNS धारा 63 मान लीजिए एक लड़की है— नेहा । नेहा की...

सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही से मौत” रखें।

सरकारी अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही से मरीज की मौत हो जाए तो क्या करें? FIR, मुआवजा और कानूनी कार्रवाई की पूरी जानकारी क्या सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीज की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर समय से उचित इलाज न करें और उसकी मृत्यु हो जाए, तो डॉक्टर और अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है? हाँ, परिस्थितियों के अनुसार आपराधिक मामला, विभागीय कार्रवाई, मेडिकल काउंसिल में शिकायत, संवैधानिक/सिविल मुआवजा और कुछ परिस्थितियों में Consumer Protection Act के तहत कार्रवाई भी संभव हो सकती है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल अस्पताल में मरीज की मृत्यु हो जाने से डॉक्टर स्वतः दोषी नहीं हो जाता। परिवार को यह स्थापित करना होता है कि डॉक्टर या अस्पताल की ऐसी गंभीर लापरवाही थी जिसका मृत्यु से सीधा संबंध था। इस लेख में हम एक काल्पनिक कहानी के माध्यम से समझेंगे कि ऐसी स्थिति में परिवार को क्या करना चाहिए, कौन-कौन से सबूत सुरक्षित रखने चाहिए, FIR कैसे कराई जा सकती है, BNS की कौन-सी धारा लागू हो सकती है , सरकारी अस्पताल के खिलाफ मुआवजा कैसे मांगा जा सकता है और सुप्रीम कोर्ट ने medical negligence के मामलों में...

बलवा (Rioting) और दंगा (Affray) क्या है? BNS की धारा 191 और 194 की पूरी जानकारीi

बलवा (Rioting) और दंगा (Affray) क्या है? BNS की धारा 191 और 194 की पूरी जानकारी बलवा क्या होता है? दंगा और बलवा में क्या अंतर है? पांच या उससे अधिक लोगों के समूह द्वारा हिंसा करने पर कौन-सी धारा लगती है? क्या हर व्यक्ति को केवल भीड़ में मौजूद रहने से बलवा का आरोपी बनाया जा सकता है? BNS Section 191 और Section 194 में क्या प्रावधान है? ये प्रश्न आपराधिक मामलों में बहुत महत्वपूर्ण हैं। पुराने भारतीय दंड संहिता (IPC) में बलवा से संबंधित मुख्य प्रावधान धारा 146 और 147 तथा Affray यानी दंगा से संबंधित प्रावधान धारा 159 और 160 में थे। अब 1 जुलाई 2024 से लागू भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) में इन विषयों के लिए नए section लागू हैं। वर्तमान कानून में BNS Section 189 unlawful assembly, Section 190 common-object liability, Section 191 rioting और Section 194 affray से संबंधित है। इस लेख में इन सभी प्रावधानों को उदाहरण और न्यायिक निर्णयों के माध्यम से आसान भाषा में समझेंगे। 1. बलवा (Rioting) क्या है? साधारण भाषा में जब कोई unlawful assembly यानी विधि-विरुद्ध जमाव अपने common object को ...