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पति ने घर खरीदा लेकिन EMI पत्नी के खाते से भी जाती रही—तलाक के बाद किसका कितना हिस्सा होगा? Joint Loan, Bank Statement और Property Rights की ऐसी कहानी जिसमें एक-एक रुपये का हिसाब अदालत के सामने आएगा

क्या घर खरीदने के बाद पति और पत्नी दोनों मालिक बन जाते हैं? अगर रजिस्ट्री पति के नाम है लेकिन EMI पत्नी के खाते से भी जाती रही तो पत्नी का क्या अधिकार होगा? अगर दोनों के नाम रजिस्ट्री है लेकिन EMI पति ने ज्यादा भरी है तो क्या पति का हिस्सा ज्यादा हो जाएगा? अगर तलाक हो जाए तो क्या घर आधा-आधा बंटेगा? और सबसे महत्वपूर्ण सवाल— क्या बैंक खाते से EMI जाने का मतलब यह है कि उस व्यक्ति का संपत्ति में उतना ही मालिकाना हक बन गया? इन सवालों का जवाब जितना सीधा दिखाई देता है, वास्तव में उतना सीधा नहीं है। आज की कहानी इन्हीं सवालों को समझने की कोशिश है। यह कहानी काल्पनिक है, लेकिन इसके भीतर बताए गए कानूनी सिद्धांत वास्तविक भारतीय कानून और न्यायिक निर्णयों पर आधारित हैं। कहानी शुरू होती है एक सपनों के घर से आकाश और नेहा की शादी को लगभग सात साल हो चुके थे। दोनों नौकरी करते थे। आकाश एक निजी कंपनी में काम करता था और नेहा एक बैंक में अधिकारी थी। शादी के शुरुआती वर्षों में दोनों किराए के मकान में रहते थे। एक दिन नेहा ने कहा— "हम कब तक किराए के घर में रहेंगे? अपना घर खरीद लेते हैं।" आकाश मुस्कुराय...

पति-पत्नी के संयुक्त नाम से खरीदी गई संपत्ति किसकी होती है? EMI पति भरता रहा लेकिन रजिस्ट्री दोनों के नाम है—तब कानून किसका साथ देगा? एक ऐसी कहानी जिसमें Property, EMI, Contribution और Ownership का पूरा सच सामने आएगा

EMI मैं भर रहा हूँ, तो घर मेरा हुआ या हम दोनों का?" रविवार की सुबह थी। अमित और उसकी पत्नी पूजा अपने घर के ड्राइंग रूम में बैठे थे। लगभग पाँच साल पहले दोनों ने मिलकर एक फ्लैट खरीदा था। फ्लैट की कीमत थी— ₹60 लाख। डाउन पेमेंट में अमित ने ₹10 लाख दिए थे। बाकी रकम के लिए बैंक से लगभग ₹50 लाख का होम लोन लिया गया। लेकिन एक खास बात थी। फ्लैट की रजिस्ट्री अमित और पूजा—दोनों के नाम पर थी। होम लोन की EMI लगभग ₹45,000 प्रति माह थी। पिछले पाँच साल से अमित ही अधिकांश EMI भर रहा था। पूजा ने शुरुआत में कुछ पैसे दिए थे, लेकिन बाद में उसने नौकरी छोड़ दी और घर तथा बच्चों की जिम्मेदारी संभाल ली। एक दिन दोनों में किसी छोटी-सी बात पर झगड़ा हो गया। गुस्से में पूजा ने कहा— "यह घर मेरा भी है। तुम मुझे इस घर से निकाल नहीं सकते।" अमित ने भी गुस्से में जवाब दिया— "EMI मैंने भरी है। पाँच साल में लाखों रुपये मैंने बैंक को दिए हैं। तुमने तो एक भी EMI नहीं भरी। फिर यह घर आधा तुम्हारा कैसे हो गया?" पूजा चुप हो गई। फिर उसने कहा— "लेकिन रजिस्ट्री में मेरा नाम भी है।" अमित बोला— "न...