IPC की धारा 353 और BNS की धारा 132 : एक विस्तृत विश्लेषण→ भारतीय कानून व्यवस्था में समय-समय पर बदलाव होते रहे हैं ताकि यह आधुनिक जरूरतों और चुनौतियों के साथ तालमेल बनाए रख सके। इसी बदलाव के तहत हाल ही में भारतीय दंड संहिता ( Indian Penal Code ) यानी IPC की धारा 353 को भारतीय न्याय संहिता ( Bharatiya Nyaya Sanhita - BNS) की धारा 132 में स्थानांतरित किया गया है। इस लेख में हम इन दोनों धाराओं का विस्तार से अध्ययन करेंगे, उनके बीच समानताओं और अंतर को समझेंगे और यह भी जानेंगे कि इनका उपयोग किन परिस्थितियों में किया जाता है। IPC की धारा 353: लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग→ IPC की धारा 353 लोक सेवकों ( public servants ) की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई थी। इस धारा के तहत किसी भी व्यक्ति द्वारा लोक सेवक को उसकी ड्यूटी निभाने से रोकने के लिए हमला करना या आपराधिक बल का प्रयोग करना अपराध माना जाता है। मुख्य तत्व→ लोक सेवक: यह धारा केवल लोक सेवकों पर लागू होती है। कानूनी कर्तव्य: लोक सेवक को अपनी आधिकारिक ड्यूटी करते समय रोका या बाधित किया जाना चाहिए। आपराधिक बल या ...
This blog is related LLB LAWS ACTS educational and knowledegeble amendments CASE LAWS acts AND MORE